िबन िश ा सब सून ो.पवन कु मार शमा रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान ए-24-25, सै टर-62, नोएडा उ र देश-201309 पू व उ र देश के ामीण े क शैि क-सामािजक ि थित का रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के िव तार एवं उपयोिगता क सं भावनाओं क ि से अ ययन सव ण ितवेदन मु य अ वेषक ो.पवन कु मार शमा सह अ वेषक डॉ. गौरव िसं ह डॉ. वीण कु मार ितवारी डॉ. मनोज कु मार ठाकु र रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान ए-24-25, सै टर-62, नोएडा उ र देश-201309 अ वेषण-म डल म सं या 1 नाम ो . पवन कु मार शमा आचाय एवं अकादिमक मुख, अटल िबहारी वाजपेयी िह दी िव िव ालय, भोपाल डॉ. गौरव िसं ह 2 सहायक ा यापक, िश ा िव ापीठ, इि दरा गां धी रा ीय मु िव िव ालय, नयी िद ली डॉ . वीण कु मार ितवारी 3 सहायक ा यापक, िश ाशा िव ाशाखा, उ राख ड मु िव िव ालय, ह ानी डॉ . मनोज कु मार ठाकु र 4 अनु सधं ान एवं मू यां कन अिधकारी, रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान , नोएडा आभार अ वेषण-म डल के सभी सद य सव थम रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान क शोध परामशदा ी सिमित को अपना ध यवाद ािपत करते ह, िजसने इतने मह वपू ण सव ण काय का उ रदािय व अ वेषण-म डल को स पा। इस सव ण काय के सफलता पू वक स प न होने के िलए सभी सद य के िव िव ालय के कु लपितगण/िनदेशकगण अ यंत ध यवाद के पा ह, िज ह ने इस सव ण काय म भाग लेने हेतु सभी सद य को यथासमय अनु मित दान क । रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के अ य ो. च भू षण शमा, िनदेशक (शैि क) डॉ. कु लदीप अ वाल तथा वे सम त अिधकारी और कमचारी हमारे ध यवाद और आभार के पा ह, िज ह ने सव ण काय के स प न होने तक समय-समय पर हमारा मागदशन िकया और हम सहायता दान क । हम उन सभी सरकारी अिधका रय , िविभ न िजल के नाग रक और मु य प से उन ब च को ध यवाद ािपत करते ह, िजनक सहायता के िबना आंकड़ का सं ह सं भव नह था। अ वेषण-म डल के सभी सद य अपने सभी प रवार के सद य का भी आभार य करते ह, िज ह ने हमारी अनु पि थित म हमारे पा रवा रक उ रदािय व को सहष वीकार कर हम इस सव ण हेतु ो सािहत िकया और इस काय के पू ण होने म सहयोग िदया। अ वेषण-म डल के सभी सद य अपनी िविभ न या ाओं के दौरान मागदशन करने वाले थानीय जाग क नाग रक िवशेष प से ो. ि वेणी िसं ह, ी िहमां शु जी, ी तुषार जी, ी रमन जी, ी पाल जी, ी काली बाबू, ी अनु राग शु ल, ी शैल जी, ी शु धां शु जी, ी अरिवंद िसं ह, ी दुगश ि पाठी आिद का तथा किठन माग पर हमारी या ा सु लभ करने वाले वाहन चालक लवके श, बबलू, यादव जी का भी ध यवाद ापन करते ह, िजनक सहायता के िबना इस सव ण काय को पू ण कर पाना असं भव था। ा कथन रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान ने जब इस सव ण क प रक पना क तो इसका उ े य पूव उ र देश क शैि क ि थित के उ नयन म रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान क भूिमका को रेखांिकत करना था, पर तु जब अ वेषण म डल ने िविभ न िजल म जाकर वहाँ क सामािजक, सां कृ ितक, आिथक और शैि क व तुि थित को समझने का यास िकया तो अ यं त िव मयकारी ि थितयाँ सामने आय । अ ययन म सि मिलत आठ िजल (बिलया, देव रया, गोरखपुर , अंबेडकरनगर, अमेठी, फ़ै ज़ाबाद सु तानपुर तथा रायबरेली) म कु छ नवोिदत िजले थे तो कु छ िजले पुराने थे। आव यक भौितक सुिवधाओं क ि से जहाँ बिलया और गोरखपुर समृ िजले तीत हये, वही अमेठी, अंबेडकरनगर, देव रया तुलना मक प से िपछड़े िदखायी िदये। य िप इन तीन िजल म से दो िजले अमेठी तथा अंबेडकरनगर नवसृिजत ह जो मशः सन 2010 तथा सन 1995 म अि त व म आए, िक तु ये संसदीय े ार भ से ही रहे ह। अमेठी ने तो देश क राजनीित क ि से भी भारत क सं सद म अनेक यश वी नेताओं को अपने ितिनिध के प म चुन कर भेजा है, जैसे वग य राजीव गाँधी, वग य सं जय गाँधी, ीमती सोिनया गाँधी, कै टन सतीश शमा, ी राहल गाँधी तथा डॉ० सं जय िसंह। वग य राजीव गाँधी ने तो देश के धानमं ी के पद को भी सुशोिभत िकया है । इसके बावजूद भी इस े का जो ु तगामी िवकास होना चािहए था, वह नह हआ है। इस े म ाकृ ितक सं साधन, मानव सं साधन एवं सश रा ीय नेतृ व होने के उपरा त भी यह े आज भी अपने िवकास क बाट जोह रहा है तथा अपने िपछड़ेपन के कारण को ढूं ढ़ रहा है, जो िक सम त यव था पर एक बड़ा खड़ा करता है। यिद शैि क ि कोण से देखा जाए तो भी प रि थितयाँ िभ न नजर नह आत । इन आठ िजल म मा दो िव िव ालय एक फ़ै ज़ाबाद म तथा एक गोरखपुर म ि थत ह। इसके अित र एक इंजीिनय रं ग िव िव ालय, मेिडकल कॉलेज और पॉलीटेि नक कॉलेज भी िव मान ह। संपणू देश म सविश ा अिभयान डेढ़ दशक से चल रहा है और ‘रा ीय मा यिमक िश ा अिभयान’ भी िवगत कई वष से मा यिमक िश ा के उ नयन के िलए किटब है। िश ा का अिधकार अिधिनयम 2009 भी 2010 से येक 8 से 14 वष के बालक को अिनवाय िश ा देने के िलए य नशील है। लेिकन, सव ण दल ने जब इस े का सव ण िकया तो पाया िक या तो िव ालय योजना के अनुसार ह ही नह , यिद ह तो वे बंद ह या उनक दशा अवणनीय है। उ च िश ा क भी यही दशा है। सवािधक आ य का िवषय यह है िक कु छ थान पर िव ाथ म या भोजन एवं छा वृित के िलए सरकारी िव ालय म पं जीकृ त तो ह िक तु अ ययन िनजी े के िव ालय म करते ह, िजसके प रणाम व प े म पं जीकरण क सं या म एवं वा तिवक िव ािथय िक सं या म िभ नता पायी जाती है य िक एक ही िव ाथ दो सं थाओं म पं जीकृ त होता है। सवािधक िचं ता का िवषय अमेठी का शैि क प र य है। इस े ने ल बे समय तक देश क सं सद म शीष नेतृ व को थान दान िकया है िफर भी इस े का शैि क िवकास उनक भावना के अनु प प रलि त नह होता है। बािलकाओं के िलए दूर-दूर तक िव ालय का अभाव िदखता है, वह आवागमन के साधन भी ना के बराबर ह। अमेठी म िश ा क ि थित के िवषय म थानीय नाग रक ने बताया िक हालात इतने बुरे ह िक उ ह अपने ब च को िश ा देने के िलए दूसरे िजल म रखना पड़ता है। कु छ गा ँव से यि गत यास के ारा बािलकाएँ िव ालय जाती ज र ह, लेिकन यवि थत माग के अभाव म उ ह अनेक किठनाइय का सामना करना पड़ता है। े म आज भी बािलकाओं के ारा पशुओ ं क देखभाल तथा खेती व मज़दूरी स ब धी काय करना आम बात है। इस कार के अनेक िवषय इस े के िवकास पर बड़े खड़ा करते ह। इस े म िकए गए सव ण के आधार पर सव क के स मुख यह प हआ िक इस े (देव रया, अमेठी तथा अ बेडकर नगर; िवशेष प से अमेठी) के सामािजक एवं आिथक िपछड़ेपन के िलए शैि क प र य एवं राजनीितक इ छा शि िज मेदार ह। िवगत कई दशक के अनुभव के आधार पर े के नाग रक से वाता करने के उपरा त यह यान म आया िक इस े का भावना मक शोषण यादा हआ है, चाहे वह राजनेताओं ने िकया हो या धािमक लोग ने। जो े ाकृ ितक प से समृ है, वह भला आिथक एवं शैि क प से द र कै से हो सकता है? य िप इस े म क ीय और रा य सरकार के ारा थािपत अनेक सावजिनक े के उप म ि याशील ह िक तु इनक सि यता ने यहाँ क सामािजक और शैि क प र य बदलने म कोई भूिमका िनवहन नह क है ; य िक जो सावजिनक इकाइयाँ यहाँ पर थािपत क गय उनका सं बं ध यहाँ के जन और जमीन से कम, राजनीित से अिधक रहा है; इसिलए ना तो यहाँ पर ये इकाइयाँ ह पनप पाय और ना ही जनता। अ य िजल क तुलना अमेठी से करने पर यह प होता है िक अ य िजल के िवकास म राजनीितक इ छा शि का बल हाथ रहा है। उदाहरण के िलए हम बिलया, अमेठी और गोरखपुर क तुलना कर सकते ह। अमेठी म 11 बार एक ही प रवार से सं बं िधत यि भारतीय सं सद का ितिनिध व करते रहे जो िक देश क सबसे बड़ी पाट से संबं िधत थे; िफर भी, िवकास के सभी आयाम पर यह े सवािधक िपछड़ा हआ है; वह दूसरी ओर गोरखपुर और बिलया का ितिनिध व ऐसे यि य के ारा िकया गया जो भारतीय सं सद म ल बे समय तक तो रहे िक तु उनके दल शासन का िह सा कम समय तक रहे िफर भी उन े का िवकास अमेठी क तुलना म कह अिधक हआ है। इन े क जनता िवकास के ि कोण से कह यादा सि य भूिमका िनवहन करती है। सव ण के दौरान यह ि गोचर हआ िक िवकास को लेकर सवािधक इन े से ही आए। वाभािवक ही है िक यिद समाज करता है तो समाधान ाि का िवक प उसके पास होता है । लेिकन जो समाज नह करता, वह समाधान का कभी िह सा भी नह होता। अमेठी े क जनता को के ित जाग क करने म वहाँ का नेतृ व असफल रहा है इसिलए समाधान भी नह बन पाएँ ह। िश ा जो आलोचना मक चेतना िवकिसत करती है तथा मुि के माग श त करती है (सा िव ा या िवमु ये ), उस िश ा के अभाव म इस िपछड़े े म ना तो िवकास को लेकर नेतृ व से खड़े िकए जा रहे ह और ना ही अिश ा, गरीबी व बेरोजगारी से मुि का माग ही श त हो पा रहा है। यह सव ण इसिलए भी मह वपूण हो जाता है य िक िजतनी आबादी (लगभग 2.3 करोड़ ) का हमने सव ण िकया है वह भारत क कु ल आबादी का लगभग 1.9% है । सवािधक आ य का िवषय यह है क दुिनया के लगभग 59 देश क आबादी हमारे सव ण क आबादी के बराबर या आस पास है। इनमे से अिधकां श देश अ यिधक िवकिसत अव था को ा ह। यिद िश ा पर ठीक कार से यान िदया गया होता तो यह े भी उ नत अव था को ा हो सकता था। इस कार क प रि थितय म यिद पूव उ र देश और िवशेषकर अमेठी, अंबेडकरनगर और देव रया जैसे िजल म मा यिमक िश ा और यावसाियक िश ा के मा यम से शैि क-सामािजक प र य को सुधारना है तो रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को लीक से हटकर िवशेष यास करने ह ग। गाँव-गाँव तक अपनी पहँच बनानी होगी तथा तकनीक सं साधन के मा यम से ब च तक पहँचना होगा। नोएडा (ऊ. .) फ़रवरी १0, २0१६ अनु मिणका अनु भाग 1. अ ययन क पृ भू िम 2. अ ययन क आव यकता एवं मह व 3. सम या कथन 4. अ ययन के शीषक म यु पद क सं ि या मक प रभाषाएँ 5. अ ययन के उ े य 6. शोध िविध 7. अ ययन क प रसीमाएं 8. आं कड़ का सं हण एवं िव ेषण 8.1. बिलया 8.2. देव रया 8.3. गोरखपु र 8.4. सु तानपु र 8.5. अमेठी 8.6. रायबरेली 8.7. फ़ै जाबाद 8.8. अ बेडकरनगर 9. अ ययन के िन कष 9.1. िजल क भौितक सु िवधाओं, शैि क ि थित तथा सामािजक-आिथक ि थित का तु लना मक िच ण 9.2. ाथिमक और ि तीयक उ े य के प र े य म िन कष 10. रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान हेतु सु झाव पृ सं या 1 2 4 4-6 7 8-11 11 11-53 13-18 19-23 24-28 29-33 34-40 41-44 45-48 49-53 54-61 54-58 59-61 62 1.0. अ ययन क पृ भू िम उ र देश, भारत वष के उ री सीमा पर अवि थत देश है। इसक सीमाएं नेपाल के साथ लगी हई ह और यह िहमालय क तराई के कु छ े को भी अपने म समेटे हए है। िहमालय से िनकली हई अनेक निदय के सं जाल ने इस देश को कृ िष के ि कोण से समृ िकया है। गं गा, यमुना जैसी िवशाल निदयाँ तथा इसक सहायक निदयाँ इस रा य के िवशाल ाे को अपने जल से न के वल िसं िचत करती ह, बि क एक समृ सं कृ ित का भी िनमाण करने म भूिमका िनभाती ह। यह देश भारत म सवािधक जनसं या वाला रा य है, जो िक िव के कई देश से भी अिधक है। यही कारण है िक इसक आिथक, सामािजक, सां कृ ित एवं राजनैितक सं रचना अलग कार से िनिमत हई है। िव व म चिलत अनेक पं थ के अनुयायी इस देश म रहते ह। उनक स यता का भाव भी इस देश पर प ट प से ि गोचर होता है। इस देश के इितहास क पृ ठभूिम महाका य कालीन है और इसक छाप यहाँ के िनवािसय पर प ट प से िदखती भी है। उ र देश क उ री सीमा जहाँ नेपाल से और उ राख ड से िमलती है, वह इसक पि मी सीमा िद ली, ह रयाणा और राज थान को पश करती है। इस रा य के दि ण म म य देश और छ ीसगढ़ अवि थत है और पू व िदशा म िबहार है। इस देश के नाग रक का सं बं ध इन देश के साथसाथ दूसरे देश के साथ ल बे समय से बना हआ है। म य काल से लेकर वतमान तक इसने देश क राजनीित एवं सामािजक दशा को भािवत िकया है। अनेक ां ितकारी प रवतन क ारं िभक भूिम होने के नाते यह देश जाना जाता है। अनेक आयाम के ि कोण से इस देश को चार भाग म िवभािजत िकया जा सकता है: पि मी उ र देश, बुदं ेलख ड, अवध तथा पू व उ र देश (पू वा चल)। य िप इसका कोई राज व या शासिनक िवभाजन प नह है। कु छ लोग उ र देश को पूव और पि मी, के वल दो भाग म बाँटते ह। इन भाग का िवभाजन भाषा और भौगोिलक ि कोण से माना जाता है, लेिकन यह चार े आपस म अनेक कार से सं ब ह और यही कारण है िक इसका भाव इन ाे के िवकास आिद पर प ट प से िदखता है। इ ह िवषय को यान म रखते हए रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान (एन.आई.ओ.एस.) क शोध परामशदा ी सिमित ने पूव उ र देश के शैि क प र य को समझने के ि कोण से एक सिमित का गठन िकया, िजसम ो. पवन कु मार शमा, आचाय एवं अकादिमक मु ख, अटल िबहारी वाजपेयी िह दी िव िव ालय, भोपाल को मु ख अ वेषक के प के नािमत करने का िनणय िकया गया। इस िनणय के आधार पर तीन अ य सद य डॉ. गौरव िसं ह, सहायक ा यापक, इि दरा गां धी रा ीय मु िव िव ालय, नई िद ली, डॉ. वीण कु मार ितवारी, सहायक ा यापक, उ राख ड मु िव िव ालय, ह ानी, 1 उ राख ड, तथा डॉ. मनोज कु मार ठाकु र, अनुसं धान एवं मू यां कन अिधकारी, रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को सह अ वेषक के प म नािमत िकया। रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान िव का सबसे बड़ा मु िव ालयी िश ा सं थान है। सं थान को ऐसे वं िचत लोग और थान पर िश ा का सार करने और कू ल न जाने वाले ब च और िकशोर को िश ा दान करने का उ रदािय व िदया गया है, जो कू ली िश ा ा नह कर सके ह। रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान का मु यालय, नोएडा, उ र देश म है। यह सं थान िन निलिखत काय म क िश ा दान करता है : मा यिमक और उ चतर मा यिमक काय म लगभग 80 यावसाियक िश ा काय म तीसरी, पां चव और आठव क ा के समक मश: 'ए', 'बी' और 'सी' तीन तर पर मु बेिसक िश ा काय म मु िव ालयी िश ा के िलए एक रा ीय सं गठन के प म एन.आई.ओ.एस. अपनी पाठ् यचया और व- अनुदेशना मक अिधगम साम ी वयं बनाता है तथा अिधगम को बढ़ावा देने के िलए सहायक य/ य साम ी तैयार करता है। इसक अिधगम साम ी इस ढं ग से िलखी गई है िक जो िश ािथय क गहरी समझ के साथ उनक समी ा मक सोच तथा सृजना मक क पना को ती ता दान करती है। यह अ ययन साम ी िश ाथ के अनु कूल है और िश ािथय को वयं पढ़ने म स म बनाती है। 2.0. अ ययन क आव यकता एवं मह व उ र देश एक िवशाल जनसं या वाला देश होने के कारण िवकास के ि कोण से तु लना मक प म समृ होते हए भी एक बीमा रा य क ेणी म माना जाता रहा है। य िप उ र देश क जनसं या इसक सबसे बड़ी ताकत, है लेिकन यही इसके िलए कई बार सम या बन जाती है य िक इस जनसं या म अिश ा के चलते गरीबी का बाह य है। उ र देश के येक पु राने िजले का सं बं ध िकसी न िकसी यवसाय के साथ रहा है, इसिलए कृ िष के इतर अनेक उ ोग इन िजल म थािपत रहे ह। वत ता के बाद पेशेवर उ ोग का ास और अिश ा म बढ़ोतरी होने के कारण यु वाओं का पलायन अ य रा य क ओर हआ है। उ र देश म वा य एवं िश ा सं बं धी सु िवधाओं कािवकास सभी े म समान हआ हो, ऐसा भी नह है। पि मी उ र देश और पूव उ र देश के बीच िवकास क ि थित म अं तर प 2 प से िदखाई देता है। पूव उ र देश म िवकास का तु लना मक प से कम होना, बहत सारी प रि थितय के कारण है, िजसम उ ोग धं ध का कम होना, समाज म सामं ती यव था का अभी भी जारी रहना, िश ा के अवसर का कम होना आिद मु ख ह। पूरे देश म पुराने समय से ही िश ा क ि से अनेक सं थाओं क थापना और सं चालन समाज ारा ही िकया जाता रहा है, िजनको बाद म सरकार ने आिथक अनुदान देना ार भ कर िदया इसके साथ ही सरकारी सं थाओं क भी थापना हई, परं तु समय बीतने के साथ इन सं थाओं म िश ा का तर िगरने लगा। िश ा क गु णव ा को बनाये रखने के नाम पर कु छ िनजी िव ालय भी अि त व म आये, परं तु यिद पू व उ र देश क बात क जाए तो वहाँ इनका बहत भाव िदखाई नह देता है। इन कारण से न के वल सामािजक प र य भािवत हआ बि क इसने इस े के शैि क और राजनैितक प र य को भी प रवितत कर िदया। इसिलए इस े का िजतना िवकास होना चािहए था, वह उतना हो न सका। यह े सामं ती ि कोण से भी मह वपूण माना जाता है। इन िजल म अनेक देशी रयासत जैसे अमेठी, सु तानपु र आिद का े भी सि मिलत है इसिलए इन रयासत क सामं ती मानिसकता का भाव भी इस े पर प प से देखा जा सकता है। इस े म बोिलय के ि कोण से अवधी और भोजपुरी का योग होता है। िश ा क ि से पि मी उ र देश क तु लना म इस े का िपछड़ापन िव मयकारी है, य िक इस े क बोिलयाँ व भाषाएँ िह दी के िवकास म अ णी भूिमका िनभाती रही ह। इस े ने िह दी ग और प क ि से युग वतक को ज म िदया है। य िप इस े म शासक य अनु दान ा अनेक िव ालय, महािव ालय और िव िव ालय ह लेिकन जनता क आिथक और सामािजक िवषमता और अपे ा के ि कोण से यह अ य प है। अतः इस े के शैि क िपछड़े पन के कारण का अ ययन िकया जाना बहत आव यक है, य िक इसके आधार पर ही यहाँ क जनता को िश ा के अवसर को उपल ध कराने का माग खोजा जा सकता है। यह अ ययन न के वल इस े क जनता के सामािजक ि कोण को समझने के िलए मह वपूण है , बि क उन सरकारी सं थाओं के योगदान और भूिमका को समझने के िलए भी मह वपू ण है, जो इस े म जन सामा य के शैि क उ नयन के िलए ि याशील ह। इस े के दूर दराज के इलाके जहाँ पर न तो िव ालय ह और न ही िव ाथ क िव ालय तक पहँच है, वहाँ िश ा के अवसर उपल ध कराने के िलए हम आशा करते ह िक इस अ ययन के िन कष मील के प थर िस ह गे। 3 3.0 सम या कथन जैसा िक अ ययन क तावना से प है, इस शोध अ ययन हेतु िवषय का चयन रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के पूव उ र देश म िव तार और उपयोिगता क सं भावनाओं का पता लगाने के िलए िकया गया है। इस काय के िलए थलीय सव ण आधा रत अ ययन को इसीिलए आधार बनाया गया य िक इससे वा तिवक व तु ि थित का पता चल सकता था। उपयु िब दुओ ं को यान म रखते हए वतमान अ ययन को िन निलिखत प से शीषकब िकया गया है: “ पू व उ र देश के ामीण े क शै ि क-सामािजक ि थित का रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के िव तार एवं उपयोिगता क संभावनाओं क ि से अ ययन” 4.0. अ ययन के शीषक म यु पद क सं ि या मक प रभाषाएँ उपयु अ ययन के शीषक म मु यतः जो पद यु हए ह, उनक शोध क ि से सं ि या मक प रभाषाएँ िन नवत ह: 4.1 पू व उ र देश पूव उ र देश से ता पय अिवभािजत उ र देश के उस े से है, जो मु यतः एक ओर िबहार और नेपाल क सीमा से तथा दूसरी ओर बुं देलखं ड क सीमा से लगा है। इसका कोई ामािणक राज व या शासिनक अि त व नह है। समा यतः इसके अंतगत गोरखपु र (देव रया, गोरखपु र, कु शीनगर तथा महाराजगं ज), वाराणसी (वाराणसी, चं दौली, गाजीपुर तथा जौनपु र), इलाहाबाद (इलाहाबाद, फ़तेहपुर , कौशां बी तथा तापगढ़), ब ती (ब ती, सं तकबीरनगर तथा िस ाथनगर), िमजापुर (िमजापुर , सं त रिवदासनगर तथा सोनभ ), आजमगढ़ (आजमगढ़, बिलया तथा मऊ) मं डल के अं तगत आने वाले 21 िजल के साथ-साथ फ़ै ज़ाबाद म डल (अं बेडकरनगर, अमेठी, बाराबं क , फ़ै ज़ाबाद तथा सु तानपुर) के 5 िजले तथा लखनऊ म डल के रायबरे ली िजले को भी शािमल िकया जाता है। तु त अ ययन म सं ि या मक प से पू व उ र देश से आशय गोरखपु र, बनारस, इलाहाबाद, ब ती, िमजापु र, आजमगढ़ तथा फ़ैज़ाबाद मं डल म आने वाले 26 िजल तथा लखनऊ म डल के रायबरे ली िजले से ही है । 4 प रविधत मानिच , मू ल ोत: https://en.wikipedia.org/wiki/List_of_districts_of_Uttar_Pradesh#/media/File:List_of_districts_of _Uttar_Pradesh_(2012).svg 4.2 ामीण े क शै ि क-सामािजक ि थित ामीण े क शैि क-सामािजक ि थित को सं ि या मक ि से िन निलिखत िब दुओं के अं तगत प िकया गया है: - िजले क अधो-सं रचना मक ि थित: इसके अं तगत मु यतः सड़क, पेयजल, व। य सेवाएँ, रोजगारपरक उ ोग-धं धे आिद को सि मिलत िकया गया है। - ामीण े म रहन-सहन: इस िब दु के अंतगत ामीण े म रहने वाले लोग क जीवन शैली, उनके काय, घर क ि थित, गाँव म सड़क, पानी, िबजली, शौचालय क ि थित आिद को रखा गया है। - ामीण े क सामािजक-आिथक ि थित: इस िब दु म गाँव म सामािजक सं घटन, जाित- यव था, मु य रोजगार के साधन, टोल /पुरव क सं रचना आिद शािमल ह। - िश ा के अवसर और शैि क ि थित: िश ा के अवसर और ि थित म गाँव के ब च के िलए ारि भक, मा यिमक, उ चतर मा यिमक तर पर िश ा सं थान क उपल धता, शैि क सं थान क 5 काय णाली एवं काय मता, सामा य िश ा का तर, िश ा के ित जाग कता, िश ा छोड़ने के कारण, यावसाियक िश ा के िलए अिभ िच आिद रखे गए ह। 4.3 रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान से ता पय मानव सं साधन िवकास मं ालय (भारत सरकार) के अधीन थािपत उस वाय सं था से है, िजसक थापना मु एवं दूर थ िश ा प ित से जन-जन तक ारं िभक, मा यिमक, उ चतर मा यिमक िश ा तथा यावसाियक िश ा उपल ध कराने के िलए क गयी है , िजसका मु यालय से टर-62, नोएडा म ि थत है और जो पूरे भारतवष म अपने े ीय के के मा यम से मा यिमक और उ चतर मा यिमक िश ा तथा यावसाियक िश ा के अवसर उपल ध कराता है। 4.4 रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के िव तार एवं उपयोिगता क सं भावनाएँ रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के िव तार एवं उपयोिगता क सं भावनाओं से ता पय उन अवसर और े का पता लगाना है, जहाँ रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के मा यम से मा यिमक और उ चतर मा यिमक िश ा को ामीण े म सु लभ बनाया जा सकता है और यावसाियक िश ा के मा यम से 14 वष या अिधक आयु वग के ामीण बालक-बािलकाओं को आ मिनभर बनाने म योगदान िदया जा सकता है। इसके अं तगत उन यु ि य क सं भावनाएं भी खोजनी है, िजनके योग से रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान सु लभ और गु णव ापूण िश ा के अवसर दान कर सकता है। 6 5.0. अ ययन के उ े य तु त अ ययन के उ े य को मु य उ े य तथा ि तीयक उ े य के प म िन नानु सार िनधा रत िकया गया है: 5.1. अ ययन के मु य उ े य िकसी भी शोध अ ययन के सुचा ि या वयन क परे खा उनके उ े य के आधार पर िनधा रत होती है। तुत शोध क आव यकता एवं मह व को प करते समय यह उ तृ िकया गया है िक वतमान सव ण का मु य उ े य पू व उ र देश म िव ालयी िश ा क ि थित तथा रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान (एन. आई. ओ. एस.) के िव तार क सं भावनाओं का अ ययन करना है। सव ण को अिधक यापक तथा तािकक बनाने हेतु िन निलिखत मु य उ े य िनधा रत िकए गए: 1. रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान (एन. आई. ओ. एस.) के िविभ न काय म हेतु उिचत लि त समूह क पहचान करना, 2. लि त समूह क शैि क तथा यावसाियक अिभ िचय क पहचान करना, 3. पूव उ र देश म रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान (एन. आई. ओ. एस.) क पहँच तथा िव तार के अवसर क पहचान करना, तथा 4. रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान (एन. आई. ओ. एस.) के मा यम से लि त समू ह क शैि क तथा यावसाियक िश ा सं बं धी आव यकताओं क पूित हेतु कायनीित का सु झाव देना। 5.2. अ ययन के ि तीयक उ े य उपयु मु य उ े य के साथ-साथ अ ययन के कु छ ि तीयक उ े य भी िनधा रत िकए गए, िजससे मु य उ े य क ाि के िलए आधार तैयार हो सके व शोध को कु छ अ य िविश ल य पर भी के ि त िकया जा सके । अ ययन हेतु िन निलिखत ि तीयक उ े य िनधा रत िकए गए: पूव उ र देश के िचि हत िजल के सामािजक-आिथक तर को ात करना, पूव उ र देश के िचि हत िजल क 14 वष से अिधक आयु के बालक-बािलकाओं के प रवार के सामािजक-आिथक तर को ात करना, पूव उ र देश के िचि हत िजल क 14 वष से अिधक आयु के बालक-बािलकाओं क शैि क आव यकताओं क पहचान करना, 7 पूव उ र देश के िचि हत िजल क 14 वष से अिधक आयु के बालक-बािलकाओं क यावसाियक अिभ िचय क पहचान करना, पूव उ र देश के िचि हत िजल क 14 वष से अिधक आयु के बालक-बािलकाओं क शैि क एवं यावसाियक िश ा सं बं धी आव यकताओं क पूित क सं भािवत िविधय को ात करना। 6.0. शोध िविध 6.1 शोध का कार: तु त शोध िववरणा मक कार का शोध (Descriptive Research) है । 6.2 शोध िविध: इस अ ययन के िलए अवलोकन िविध (Observation Method) तथा सव ण िविध (Survey Method) का उपयोग िकया गया है। सव ण के दौरान न के वल आधारभूत सं रचना एवं भौितक सु िवधाओं का अवलोकन िकया गया वरन पूव िनधा रत िब दुओ ं के आधार पर बालक-बािलकाओं के सा ा कार के मा यम से वा तिवक व तु-ि थित समझने का भी यास िकया गया। 6.3 शोध का े : पूव उ र देश का े , िजसम गोरखपुर , बनारस, इलाहाबाद, ब ती, िमजापुर, आजमगढ़ तथा फ़ै ज़ाबाद मं डल म आने वाले 22 िजले तथा लखनऊ म डल का रायबरे ली िजला अथात कु ल 23 िजले आते ह, तुत शोध के े के प म यु हआ है। 6.4 शोध क जनसं या: िकसी भी शोध क जनसं या से ता पय उस जन-समू ह से है, िजनके म य से शोध के यादश का चयन िकया जाता है। शोध म यादश के प रणाम का सामा यीकरण उसी जनसं या के िलए िकया जाता है। शोध के े म सम त पूव उ र देश (गोरखपु र, बनारस, इलाहाबाद, ब ती, िमजापुर , आजमगढ़ तथा फ़ै ज़ाबाद मं डल म आने वाले 22 िजले तथा लखनऊ म डल का रायबरे ली िजला अथात कु ल 23 िजले) म रहने वाले 14-19 वष के आयु वग के सभी बालक-बािलकाएँ सि मिलत ह। रायबरे ली िजला लखनऊ म डल का अंग है परं तु इसक कु छ तहसील को लेकर एक नए िजले अमेठी का िनमाण िकया गया, िजसक ि थित अ प थी। साथ ही यह भी यान म रखा गया िक उ र देश के शासिनक सं रचना म िवकास क िविवध योजनाओं का ि या वयन िजला शासन के मा यम से होता है, अतः अमेठी म भी जो आधारभूत सं रचना का िवकास हआ है उसका ि या वयन अमेठी के िजला बनने से पूव रायबरे ली तथा सु तानपुर िजल के मा यम से होता था, इसिलए अमेठी के साथ-साथ दोन िजल को जनसं या म सि मिलत करना तकसं गत तीत होता है। 6.5 ितदशन िविध एवं ितदश: तुत अ ययन के िलए बहचरणीय यादश चयन प ित का योग िकया गया है, जो अ िलिखत कार से है: 8 [I] थम चरण: थम चरण म अ ययन म शािमल 23 िजल क सूची तैयार क गयी और 8 िजल का या ि छक चयन िकया गया जो िन निलिखत ह:i. फ़ै ज़ाबाद ii. सु तानपु र iii. अमेठी iv. रायबरेली v. अं बेडकर नगर vi. गोरखपु र vii. बिलया viii. देव रया [II] ि तीय चरण: ि तीय चरण म सभी चयिनत िजल क िविभ न तहसील को सू चीब िकया गया और ये क िजले से कु छ तहसील का या ि छक चयन िकया गया िजसका िववरण िन निलिखत तािलका म प िकया गया है: िजला फ़ै ज़ाबाद सु तानपु र अमेठी रायबरे ली अं बेडकर नगर गोरखपु र बिलया देव रया कु ल तहसील िबकापु र, दौली, फ़ै ज़ाबाद, सोहावल, िम क पुर सु तानपु र (सदर), कादीपुर , ल भुआ, जयिसं हपुर अमेठी, गौरीगं ज, ितलोई, मु सािफरखाना रायबरे ली, डलमऊ, महाराजगं ज, लालगं ज, ऊंचाहार, सलोन िबिहटी, टां डा, अकबरपुर, अ लापु र, जलालपुर गोरखपु र (सदर), चौरीचौरा, सहजनवा, खजनी, कै ि पयरगं ज, बां सगाँव, गोला बै रया, बिलया, बां सडीह, रसड़ा, बेलथरा रोड, िसकं दरपुर बरहज, भाटपाररानी, देव रया (सदर), पु र, सलेमपु र 9 चयिनत तहसील फ़ै ज़ाबाद (सदर), िबकापुर, िम क पुर सु तानपु र (सदर), कादीपुर , ल भुआ, जयिसं हपुर अमेठी, गौरीगं ज, ितलोई, मु सािफरखाना रायबरे ली, महाराजगं ज िबिहटी, टां डा, अ लापु र, जलालपु र सहजनवा, कमिपयरगं ज बिलया, बां सडीह, बेलथरा रोड, िसकं दरपु र बरहज, देव रया (सदर), पु र, सलेमपु र [III] तृ तीय चरण: तृतीय चरण म, येक चयिनत तहसील से या ि छक चयन ारा 1 या 2 गाँव / पुरव का चयन िकया गया । चयिनत गाँव/पुरव का िववरण िन नवत है : िजला फ़ै ज़ाबाद सु तानपु र अमेठी रायबरे ली अं बेडकर नगर गोरखपु र बिलया देव रया चयिनत तहसील चयिनत गाँव/पु रवा फ़ै ज़ाबाद (सदर), िबकापुर , िम क पु र कु सु हा, सोनखरी, भवानी, भीखू िम ा का पुरवा सु तानपु र (सदर), कादीपुर , आरडीह, छे त न का पु रवा, मोह मदाबाद, ल भुआ , जयिसं हपु र शाहपुर पू रन, कु बेर शाह क प ी अमेठी, गौरीगं ज, ितलोई, सटवा, पीढ़ीबहादुरपुर , गु िनया म ू पुर, बेहटा, मु सािफरखाना पूरे हरपाल िसं ह बैस, नारा अधनपु र, छतरी, उखरमऊ,खदे का पुरवा, जानापुर रायबरे ली, महाराजगं ज पहाड़ाखेरा, सोहरा, नया पु रवा, अमरावां िबिहटी, टां डा, अ लापु र, जलालपु र अरई, रोशनपुर मजरा, के वटही, ािहनपुर , कु सुमा सागरा सहजनवा, कमिपयरगं ज जगरनाथपुर, ककना, चकप ा बिलया, बां सडीह, बेलथरा रोड, मु जौना, माधोपुर, गोसाईपुर, देवडीह, िसकं दरपु र के विटया बरहज, देव रया (सदर), पु र, जमु आ, सु सबहा, चौरडीह, बनसईयां सलेमपु र [IV] चतु थ चरण: येक चयिनत गाँव म आकि मक ितदश चयन िविध का योग करते हये उपल ध ऐसे बालक-बािलकाओं से िमलकर उनका सा ा कार िलया गया, जो 14-19 आयु वग के ह । चयिनत ब च क सं या और िलं गवार उनका िववरण िन निलिखत तािलका से प है: म िजला सं या 1. फ़ै ज़ाबाद 2. तहसील फ़ै ज़ाबाद (सदर), िबकापु र, िम क पुर सु तानपु र सु तानपु र (सदर), कादीपुर , ल भुआ , जयिसं हपु र गाँव/पु रवा कु सु हा, सोनखरी, भवानी, भीख िम ा का पुरवा आरडीह, छे तन का पु रवा, मोह मदाबाद, शाहपुर पू रन, कु बेर शाह क प ी 10 ब चे बालक बािलका 20 40 17 43 3. अमेठी 4. रायबरे ली 5. 6. 7. अं बेडकर नगर गोरखपु र बिलया 8. देव रया अतः कु ल िमलाकर अमेठी, गौरीगं ज, ितलोई, मु सािफरखाना सटवा, पीढ़ीबहादुरपुर , गु िनया म ू पुर, बेहटा, पू रे हरपाल िसं ह बैस, नारा अधनपु र, छतरी, उखरमऊ,खदे का पुरवा, जानापुर रायबरे ली, महाराजगं ज पहाड़ाखेरा, सोहरा, नया पु रवा, अमरावां िबिहटी, टां डा, अ लापु र, अरई, रोशनपुर मजरा, के वटही, जलालपुर ािहनपु र, कु सुमा सागरा सहजनवा, कमिपयरगं ज जगरनाथपुर, ककना, चकप ा, बिलया, बां सडीह, बेलथरा मु जौना, माधोपु र, गोसाईपुर, रोड, िसकं दरपुर देवडीह, के विटया बरहज, देव रया (सदर), जमु आ, सु सबहा, चौरडीह, पु र, सलेमपु र बनसईयां 128 बालक और 352 बािलकाएँ इस शोध म सि मिलत िकए गए । 18 42 06 54 09 51 20 11 40 49 27 33 6.6 शोध हेतु उपकरण: तु त अ ययन म िन निलिखत शोध उपकरण का योग िकया गया: 6.6.1 अध-सं रिचत सा ा कार अनु सू ची: अध सं रिचत सा ा कार अनुसू ची का योग बालकबािलकाओं के प रवार क सामािजक-आिथक ि थित, प रवार म सद य क सं या, िश ा तर, शैि क तथा यावसाियक िश ा से जुड़ आव यकताओं, उपल ध सं साधन , अिभ िच आिद िब दुओ ं पर जानकारी एक करने हेतु िकया गया। 6.6.2 अवलोकन अनु सू ची: अवलोकन अनुसचू ी का योग गाँव क ि थित, गाँव का सामािजक ताना-बाना, प रवार का रहन-सहन, बु िनयादी सुिवधाओं क उपल धता, िश ा के अवसर आिद के सदभ म जानकारी एक करने हेतु िकया गया। 6.7 िव े षण िविध: तु त अ ययन म ितशत िव े षण एवं अ य गु णा मक िव े षण िविधय का योग िकया गया । 7.0. अ ययन क प रसीमाएँ तु त अ ययन को चु ने हए 8 िजल के ामीण/सीमावत े म रहने वाले 14-19 वष के बालक-बािलकाओं व उनके अिभभावक तक ही प रसीिमत िकया गया। 11 8.0. आं कड़ का सं हण एवं िव े षण तु त अ ययन म िजले क ाथिमक सू चना तथा अवलोकन व सा ा कार अनुसू िचय के मा यम से आँकड़ को िन निलिखत िब दुओ ं के सं दभ म सं हीत िकया गया: िजलावार योरा: 1. िजले का सामा य प रचय: अि त व (कब से), ि थित (कहाँ पर ि थत है, मं डल, तहसील, िवकासखं ड आिद) एवं भौगोिलक प रि थितयाँ, जनसं या स ब धी आं कड़े, िश ा स ब धी आँकड़े , शैि क सं थान क सं या, िश क व िव ािथय क सं या, िश ा स ब धी िविभ न अनु पात, मु ख यवसाय, कृ िष क ि थित, ामीण व शहरी जनता क ि थित, िजले म रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के के क ि थित। 2. िजले के उन थान व लोग का िववरण, िजनक सहायता से आं कड़े एक िकए गए। 3. अवलोकन अनुसचू ी के आधार पर िजले क सामािजक, आिथक, शैि क तथा आव यक भौितक सु िवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से ि थित 4. सा ा कार अनुसचू ी के आधार पर िजले क सामािजक , आिथक व शैि क ि थित; वहाँ के ब च ारा यावसाियक िश ण के िलए य क गय िचयाँ तथा उन ब च तक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान क पहँच स ब धी ि थित। 5. िजले के सं दभ म रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को सुझाव। अ ययन के दौरान उपयु िब दुओं के अं तगत सूचनाएँ एक क गय , िजसे यहाँ िजलावार तु त िकया जा रहा है- 12 8.1. बिलया िजला 1. िजले का सामा य प रचय बिलया उ र देश के पुराने िजल म से एक है , जो िक पू वाचल े म आता है तथा िजसक सीमाएँ िबहार रा य से लगती ह। यह िजला आजमगढ़ मं डल के अ तगत आता है। इस िजले के अ तगत बै रया, बिलया, बां सडीह, रसड़ा, बेलथरा रोड तथा िसकं दरपुर नाम क कु ल 6 तहसील ह। उपयु तहसील के अ तगत िवकासखंड क कु ल सं या 15 है। यह मु यतः गं गा और घाघरा निदय के म य ि थत है, िजसके कारण यहाँ क भूिम अ यं त उपजाऊ है। 2011 क जनगणना के अनुसार यहाँ क कु ल जनसं या 3,223,642 है, िजसम 1,667,557 पु ष तथा 1,556,085 मिहलाएँ ह। 2011 क जनगणना के अनुसार िलंगानुपात 1000 पु ष पर 933 ि याँ है। यहाँ क औसत सा ारता 73.82 % है, जबिक पु ष सा रता 85.91 % तथा ी सा ारता मा 61.72 % ही है। िजले म कु ल 3841 िव ालय ह। िजले का मु य यवसाय कृ िष है। िजले म एन. आई. ओ. एस. के 02 याियत सं था (AIs) तथा 02 याियत यावसाियक सं था (AVIs) ह। 2. िजले के उन थान व लोग का िववरण, जहाँ से व िजनक सहायता से आं कड़े एक िकए गए बिलया िजले म बै रया, बिलया, बां सडीह, रसड़ा, बेलथरा रोड तथा िसकं दरपुर नाम क कु ल 6 तहसील ह, िजनम से इस अ ययन म बिलया, बां सडीह, बेलथरा रोड, िसकं दरपुर के प म चार तहसील के मु जौना, माधोपुर, गोसाईपु र, देवडीह तथा के विटया नामक पाँच गाँव को सि मिलत िकया गया। अ ययन के दौरान चयिनत गाँ व म अवलोकन अनुसू ची को पू रत करने के िलए कु ल 30 पु ष व 20 ि य से बातचीत क गयी तथा सा ा कार अनुसू ची को पू रत करने के िलए कु ल 11 बालक व 49 बािलकाओं से सं वाद थािपत िकया गया। 13 3. अवलोकन अनु सू ची के आधार पर िजले क आव यक भौितक सुिवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से शै ि क, सामािजक व आिथक ि थित i. आव यक भौितक सु िवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से ि थित: बिलया िजले के मण के दौरान ये देखने म आया िक यहाँ क सड़क क ि थित तु लना मक प से ठीक है। रा ीय राजमाग तथा रा यमाग क ि थित सं तोषजनक है; साथ ही अिधकां श गाँव भी धानमं ी ाम सड़क योजना के मा यम से प क सड़क से जुड़े ह पर तु नदी (घाघरा) के आस पास के कु छ गाँव म सड़क और अ य मू लभूत सुिवधाओं का अभाव है । सभी गाँव म अिधकां श घर म शौचालय नह ह । कु छ गाँव म पेयजल क सु िवधा हेतु पानी क टं क भी लगी है िक तु िबजली क आपूित म सम या है । गाँव व पुरव म अधक चे मकान भी िदखे परं तु प के मकान क सं या भी ठीक-ठाक थी। सव ण के दौरान यह पाया गया िक अिधकां श गाँ व म 1-2 िक.मी. के े म ाथिमक िव ालय ि थत है। िजला बिलया म मा यिमक और उ चतर मा यिमक िव ालय और िड ी कॉलेज उिचत सं या म ह और सभी वग के लोग म िश ा ा करने को लेकर जाग कता है । ii. शै ि क ि थित: 2014-15 के सरकारी आं कड़ के अनुसार बिलया म 3841 ाथिमक तथा ारि भक िव ालय ह, िजनम से 11 िबना िश क के , 209 एक िश क 14 वाले तथा 293 दो िश क वाले िव ालय ह। इस कार कु ल 513 िव ालय म 3 से कम अ यापक ह। 217 िव ालय म एक भी शौचालय नह ह, जबिक 690 िव ालय म बािलकाओं के िलए शौचालय नह है। एक और त य मह वपूण है िक 2392 िव ालय म िबजली का कने शन ही नह है, जो िक वतमान म तकनीक समिथत िश ा के िलए एक ाथिमक आव यकता है। उपयु आंकड़ से कु छ अ य त य भी प ट होते ह, जो िन निलिखत ह : िव ालय क सं या तो पया है परं तु बहत से िव ालय म अभी आधारभूत सु िवधाओं का अभाव है । 500 से अिधक सरकारी मा यिमक/उ चतर मा यिमक िव ालय म 3 से कम अ यापक ह, ऐसे म सभी के िलए गु णव ापूण िश ा दान कर पाना अक पनीय है। य िप मा यिमक तथा उ चतर मा यिमक िव ालय क सं या पया है परं तु वहाँ के िनवािसय के अनुसार सु दूर े म ि थत िव ालय मा परी ा क के प म चलते ह, वहाँ रोज़मरा क पढ़ाई नह होती और अ सर िदन म 12 बजे भी वहाँ ताले लटकते रहते ह। ामीण ने बताया िक उनके ब चे िनजी िव ालय म जाते ह, परं तु वहाँ शु क अिधक होने के कारण गरीब ब चे 8व के बाद क पढ़ाई छोड़ देते ह । आम जनता सरकारी िश ा यव था से घोर िनराशा म है। एक ामीण के श द म “सरकारी कू ल म मा टर और ब चे खाना खाये के वा ते जात ह, बस; कौनु पढ़ाई िलखाई ना होत है ”। ऐसी ि थित म िव ालय म िनयमानु सार वा तिवक प से अ ययन-अ यापन होता होगा, इसम सं शय है । 15 iii. सामािजक एवं आिथक ि थित: िजन गां व का सव ण िकया गया, वहाँ सामा यत: यह पाया गया िक अभी भी बहत कम लोग के घर म शौचालय ह। लोग खुले म ही शौच के िलए जाते ह। अं बेडकर गांव जहाँ सरकार ने शौचालय बनवाकर िदये, वहाँ भी शौचालय अिधकतर योग म नह आते ह। इसके कई तकनीक कारण देखने म आए जैसे गड् ढे का छोटा होना, पानी क यव था का न होना, आिद। लोग म शौचालय के ित जाग कता कम पायी गयी। गाँव म कु छ जाितयाँ राजपूत समु दाय के लोग को ‘बाबू साहब’ जैसे स बोधन से पुकारती ह, जो िक परं परागत है। कु छ लोग के दरवाजे पर पुराने कु एँ देखे गए, जो ायः चलन म नह ह। गाँव म पर परागत प से जाित के आधार पर पुर व / टोल क उपि थित देखी गयी। एक ामीण ने यह भी बताया िक सरकारी योजनाओं का लाभ कु छ वच व वाले लोग को ही िमलता है य िक सरकारी कमचारी और अिधकारी यिद गाँव म आते ह तो वे भी उ ह के घर बै ठते ह और गाँव के अ य लोग को उनके आने का पता भी नह चल पाता। सव ण के दौरान यह भी पाया गया िक इस िजले म गरीबी उन े म यादा है, जो या तो नदी िकनारे के गाँ व ह या िजनम अनुसू िचत जाित का बाह य है। िजन गाँव का सव ण िकया, गया वहाँ क चे और प के दोन कार के घर पाये गये। इन े म पीने के पानी के िलए लोग हडप प का योग करते ह परं तु कई जगह कु एँ भी खुदे हए ह और लोग इनका पानी पीते ह। वहाँ के िनवािसय के अनुसार इन े म िबजली औसतन 2-5 घं टे ही रहती है । अिधकां श लोग मोबाइल फोन का योग करते ह। जो बहत गरीब एवं अनपढ़ ह वे भी मोबाइल फोन का उपयोग करते ह, िक तु यह भी पाया गया िक अिधकां श सं या म घर म टीवी नह है। अगर िश ा क बात क जाए तो यह पाया गया िक लड़िकयां अब गां व म भी पढ़ रह ह। अिभभावक अब लड़िकय के िलए भी जाग क हो गये ह परं तु वरीयता अब भी लड़क के िलए ि गोचर होती है। गां व क लगभग सभी लड़िकयां 8व -10व तक तो पढ़ लेती ह, लेिकन 16 इसके प चात वह नह पढ़ पाती य िक उनके गां व के आस पास कोई अ छा इं टर कॉलेज और िड ीकॉलेज नह है। 4. सा ा कार अनु सू ची के आधार पर िजले क सामािजक, आिथक व शै ि क ि थित; वहाँ के ब च ारा यावसाियक िश ण के िलए य क गयी िचयाँ; उन ब च तक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान क पहँच स ब धी ि थित व िजले के सं दभ म रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को सु झाव सव ण म सि मिलत ब च का आयु वग 14 से 19 वष है, सव ण म भाग लेने वाले ब च म 18.33% लड़के तथा 81.66% लड़िकयां ह । आकड़ से यह भी प हआ िक 50 % ब च के माता-िपता मज़दूरी करते ह, जबिक मा 10 % ब च के माता िपता कृ िष काय करते ह। के वल 10 % ब च के माता-िपता िकसी वैतिनक रोजगार या सरकारी नौकरी म पाये गए, शेष क अपनी दुकान या व-रोजगार है । 87.5 % ब चे दो से अिधक भाई-बहन वाले ह और 53.13 % प रवार म लड़िकय क सं या लड़क से यादा है । 18.75 % ब च ने क ा 8 तक तथा 43.75 % ब च ने 10 या 12 तक क पढ़ाई क है । यह भी उ लेखनीय है िक 100 % ब चे अवसर िमलने पर आगे पढ़ने के इ छु क ह, जो यह दशाता है िक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के िव तार क यहाँ िकतनी सं भावनाएँ ह । 90.63 % ब च ने यह बताया िक उनके आगे पढ़ने क इ छा इसिलए है य िक वे पढ़ाई करके नौकरी करना चाहते ह, जबिक मा 9.37 % ब च ने व-रोजगारपरक िश ा को उपयोगी माना । उपयु िबं दु ओ ं से िन निलिखत िन कष िनकाले जा सकते ह: ब च क यावसाियक िश ा सं बं धी ाथिमकताओं को देखा जाए तो यह प ट होता है िक: - यादातर ब च ने एक से अिधक यावसाियक िश ण म िच य क । 53.13% बािलकाओं क िसलाई और कढ़ाई, 40.63 % बािलकाओं क यू टीिशयन, 21.87 % बालक-बािलकाओं क 17 क यूटर या इलेि िशयन स ब धी काय म म िच देखी गयी। इसके साथ ही कु छ ब च ने मेिडकल सं बं धी े और मोबाइल रपेय रं ग स ब धी काय म भी अपनी िच य क । इससे यह िन कष िनकाला जा सकता है िक यावसाियक िश ा के े म िसलाई-कढ़ाई, यू टीिशयन, क यूटर, मोबाइल रपेय रं ग आिद िवषय अ यं त मह वपूण ह और रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को इन िवषय म यावसाियक िश ा के क थािपत करने क आव यकता है। 18 8.2. देव रया िजला 1. िजले का सामा य प रचय देव रया उ र देश के पु राने िजल म से एक है, जो िक पूवाचल े म आता है तथा इसक सीमाएँ िबहार रा य से लगती ह। िजले का मु यालय देव रया सदर है। यह िजला गोरखपु र मं डल के अ तगत आता है। इस िजले के अ तगत बरहज, भाटपाररानी, देव रया (सदर), पु र तथा सलेमपुर नाम क कु ल 5 तहसील आती ह। उपयु तहसील के अ तगत िवकासख ड क कु ल सं या 16 है। इस िजले म मु यतः रा ी और घाघरा निदयाँ बहती ह, िजसके कारण यहाँ क भूिम अ यं त उपजाऊ है। 2011 क जनगणना के अनुसार यहाँ क कु ल जनसं या 30,98,637 है, िजसम 15,39,608 पु ष तथा 15,59,029 मिहलाएँ ह । वतमान म िलं गानुपात 1000 पु ष पर 1013 ि याँ है। यहाँ क औसत सा ारता 73.53 % है, िजसम पु ष सा रता 86.07 % तथा ी सा ारता मा 61.34 % ही है। िजले म कु ल 3957 िव ालय ह। िजले का मु य यवसाय कृ िष है। िजले म एन. आई. ओ. एस. के 02 याियत सं था (AIs) तथा 01 याियत यावसाियक सं था (AVIs) ह। 2. िजले के उन थान व लोग का िववरण, जहाँ से व िजनक सहायता से आं कड़े एक िकए गए देव रया िजले म बरहज, भाटपाररानी, देव रया (सदर), पुर तथा सलेमपुर नाम क कु ल 5 तहसील आती ह, िजनम से इस अ ययन म बरहज, देव रया (सदर), पु र तथा सलेमपुर के प म चार तहसील के जमु आ, सु सबहा, चौरडीह, बनसईयां नामक चार गाँव को सि मिलत िकया गया है। अ ययन के दौरान चयिनत गाँव म अवलोकन अनुसू ची को पू रत करने के िलए कु ल 28 पु ष व 22 ि य से बातचीत क गयी तथा सा ा कार अनुसू ची को पू रत करने के िलए कु ल 27 बालक व 33 बािलकाओं से सं वाद थािपत िकया गया। 19 3. अवलोकन अनु सू ची के आधार पर िजले क आव यक भौितक सुिवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से शै ि क, सामािजक व आिथक ि थित i. आव यक भौितक सु िवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से ि थित: देव रया िजला के अिधकतर गांव क सड़क और गां व से जुड़ मु य सड़क क ि थित बहत अ छी नह है। हालांिक िजले से गु जरने वाले राजमाग क हालत लगभग ठीक है। देव रया, गोरखपु र और बिलया क तु लना म िपछड़ा है और इस िजले के गाँव क हालत भी कु छ अ छी नह है। गाँव म पेयजल हडप प के मा यम से ा होता है; कु छ जगह पर पुराने कु एँ भी देखे गए। गाँव म लगभग 5-6 घं टे ही िबजली रहती है। मकान क ि थित भी क ची-प क देखने म आयी। ii. शै ि क ि थित: 2014-15 के सरकारी आं कड़ के अनुसार िजले म 3957 ाथिमक तथा उ च ाथिमक िव ालय ह, िजनम से 25 िबना िश क के , 238 एक िश क वाले तथा 614 दो िश क वाले िव ालय ह। इस कार कु ल 877 िव ालय म 3 से कम अ यापक ह। एक और त य मह वपू ण है िक 2312 िव ालय म िबजली का कने शन नह है। उपयु त आंकड़ से कु छ त य जो प टत: ि गोचर होते ह वे िन निलिखत ह:- 20 बहत से सरकारी िव ालय म अभी भी आधारभूत सुिवधाओं का अभाव है , िजसका लाभ दोयम कार के िनजी िव ालय उठा रहे ह। 877 से अिधक सरकारी मा यिमक/उ चतर मा यिमक िव ालय म 3 से कम अ यापक ह, ऐसे म गु णव ा पूण िश ा पर खड़ा होता है। य िप, मा यिमक तथा उ चतर मा यिमक िव ालय क सं या पया है िक तु अ ययन के ि कोण से उन िव ालय क ि थित थोड़ी कमजोर तीत होती है, ऐसे म ये िव ालय मा परी ा सं चालन उप म बन कर रह गए ह। ामीण का यह कहना है िक म याहन भोजन काय म ने िव ालय को मा खाने के थान के प म थािपत कर िदया है, जहाँ पर ब चे खाना खाते ह व मौजम ती करते ह। अगली क ा म मा टर साहब उनको ऐसे ही भेज देते ह। स प न प रवार के ब चे गाँव से 10-15 िकलोमीटर क दूरी तक भी अपने साधन से िनजी िव ालय म पढ़ने के िलए जाते ह । iii. सामािजक एवं आिथक ि थित: िजन गाँव का सव ण िकया गया वहां सामा यत: यह पाया गया िक अभी भी बहत कम लोग के घर म शौचालय ह। लोग अभी भी खुले े म ही शौच के िलए जाते ह। कु छ लोग ने खुले म शौच जाने क वकालत क लेिकन मिहलाओं ने बरसात के िदन म, जाड़ म एवं रात म बाहर जाना असु िवधाजनक माना। िजन गाँव को पू व म अंबेडकर गां व का दजा िमला हआ था, उन गाँव क ि थित थोड़ी साफ-सु थरी िदखी िक तु रख-रखाव के अभाव म सड़क, नाली एवं शौचालय क ि थित बदतर हो गयी है। गाँव म गरीबी सव 21 प रलि त होती है, इसी गरीबी म कु छ बालक अपने उ वल भिव य के िनमाण हेतु ज ोजहद करते िदखे। इन गाँव म से कु छ अिभभावक जो बाहर नौकरी करते ह, उन प रवार के ब च क समझदारी अ य ब च क तु लना म यादा िदखी। उनके यि व का कटीकरण भी अ य ब च क तु लना म िभ न था। गाँ व म क चेप के मकान िदखे िक तु जाग कता के कारण साफ-सु थरे थे। गाँव म िबजली कम समय ही रहती है। गाँव म सामािजक ताना-बाना आज भी पार प रक ि कोण का ही है िक तु जाग कता बढ़ी है। गाँव म अिधकां श लोग के पास मोबाइल फोन है। परं तु यह भी पाया गया िक अिधकां श घर म टीवी नह है। देव रया िजले म भी यह देखा गया िक लड़िकयां घर के काम के अित र त गाय बकरी चराना, खेत म काम करना आिद काम भी करती ह। 4. सा ा कार अनु सू ची के आधार पर िजले क सामािजक, आिथक व शै ि क ि थित; वहाँ के ब च ारा यावसाियक िश ण के िलए य क गय िचयाँ; उन ब च तक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान क पहँच स ब धी ि थित व िजले के सं दभ म रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को सु झाव: सव ण म सि मिलत ब च का आयु वग 14 से 19 वष ह, सव ण म भाग लेने वाले ब च म 45% लड़के तथा 55% लड़िकयां ह। 42% ब च के माता-िपता मज़दूरी करते ह, जबिक 37% ब च के माता िपता कृ िष काय करते ह। के वल 21% ब च के माता-िपता िकसी वैतिनक रोजगार या सरकारी नौकरी वाले िमले। सभी ब च के एक से अिधक भाई-बहन पाए गए और 42% प रवार म लड़िकय क सं या लड़क से यादा िमली। 22 46% ब च ने क ा 8 के बाद, 42 % ब च ने 10 या 12 तक और 12% ब च ने क ा 12 के बाद पढ़ाई छोड़ दी है। यह भी उ लेखनीय है िक सभी ब चे, जो अभी तक नह पढ़ सके ह वे अवसर िमलने पर पुन : पढ़ने के इ छु क ह। यह दशाता है िक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के िव तार क सं भावनाएं बल ह। ब च ने बताया िक उनके आगे पढ़ने क इ छा इसिलए है य िक वे पढ़ाई करके नौकरी करना चाहते ह अथात इन ब च के िलए रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान क वह िश ा अिधक उपयोगी होगी, जो रोजगारपरक है। 4% ब च ने माता-िपता के शु क न देने क मता को अपनी पढ़ाई छोड़ने का कारण बताया । ब च क यावसाियक िश ा स बधी ाथिमकताओं को देखा जाए तो यह प होता है िक 42% ब च क यावसाियक ाथिमकताएं िसलाई-कढ़ाई काय, 21% ब च क ाथिमकता यु िटिशयन स ब धी काय, 33% ब च क ाथिमकता क यूटर स ब धी िश ण, 12% ब च क ाथिमकता इलेि िशयन स ब धी काय, 8% ब च क ाथिमकता ऑटो मैकेिनक स ब धी काय तथा 4% ब च क ाथिमकता ल बर का काम सीखने क है। इससे यह िन कष िनकाला जा सकता है िक यावसाियक िश ा के े म ऊपर िलखे िवषय मह वपूण ह और रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को इन िवषय म यावसाियक िश ा के आव यकता है। 23 क थापना करने क 8.3. गोरखपु र िजला 1. िजले का सामा य प रचय गोरखपु र उ र देश के ाचीनतम िजल म से एक है जो िक पू वाचल े म आता है। िजले का मु यालय गोरखपु र है, जो मं डल का भी मु यालय है। गोरखपुर, बाबा गोरखनाथ के नाम से सु िव यात है और साथ ही यह अनेक पुराताि वक, आ याि मक, सां कृ ितक एवं ाकृ ितक धरोहर को समेटे हए है। यह मुं शी ेमच द क कम थली व िफराक गोरखपु री क ज म थली के प म िस है। यह अमर शहीद पं0 राम साद िबि मल व चौरीचौरा आ दोलन के शहीद क शहादत थली रही है। गोरखपु र ह तकला ‘टैराकोटा’ के िलए भी िस है। गोरखपु र िजला महाराजगं ज, कु शीनगर, देव रया, अ बेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ तथा संत कबीर नगर िजल से सटा हआ है। इस िजले के अ तगत गोरखपु र (सदर), चौरीचौरा, सहजनवा, खजनी, कै ि पयरगं ज, बां सगाँव तथा गोला नाम क कु ल 7 तहसील आती ह। उपयु तहसील के अ तगत िवकासखं ड क कु ल सं या 12 है। इस िजले म मु यतः रा ी और रोिहणी निदयाँ बहती ह। इस िजले क सीमा नेपाल से सटी हई है, िजसके कारण यह अिधक सं वेदनशील िजला माना जाता है। तराई े होने के कारण इसम वन े भी ह। 2011 क जनगणना के अनुसार यहाँ क कु ल जनसं या 44,36,275 है, िजसम 22,81,763 पु ष तथा 21,54,512 मिहलाएँ ह । 2011 क जनगणना के अनुसार िलंगानुपात 1000 पु ष पर 944 ि याँ है। यहाँ क औसत सा ारता 73.25 % है, जबिक पु ष सा रता 84.38 % तथा ी सा ारता मा 61.54 % ही है । िजले म कु ल 4521 िव ालय ह। िजले का मु य यवसाय कृ िष है। यहाँ क 18.83 % जनसं या शहरी े म, जबिक 81.17 % जनता ामीण े म िनवास करती है। िजले म एन. आई. ओ. एस. के 02 याियत सं था (AIs) तथा 05 याियत यावसाियक सं था (AVIs) ह। 2. िजले के उन थान व लोग का िववरण जहाँ से व िजनक सहायता से आं कड़े एक िकए गए गोरखपु र िजले म गोरखपु र (सदर), चौरीचौरा, सहजनवा, खजनी, कै ि पयरगं ज, बां सगाँव तथा गोला नाम क कु ल 7 तहसील आती ह, िजनम से इस अ ययन म सहजनवा तथा कै ि पयरगं ज के प म दो तहसील के जगरनाथपुर , ककना तथा चकप ा नामक तीन गाँव को सि मिलत िकया गया है । अ ययन के दौरान चयिनत गाँव म अवलोकन अनुसू ची को पू रत करने के िलए कु ल 32 पु ष व 18 ि य से बातचीत क गयी तथा सा ा कार अनुसू ची को पू रत करने के िलए कु ल 20 बालक व 40 बािलकाओं से सं वाद थािपत िकया गया। 24 3. अवलोकन अनु सू ची के आधार पर िजले क आव यक भौितक सुिवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से शै ि क, सामािजक व आिथक ि थित i. आव यक भौितक सु िवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से ि थित: गोरखपु र िजले के मण के दौरान ये देखने म आया िक यहाँ क सड़क क ि थित आस पास के िजल क तु लना म ठीक-ठाक है । रा ीय राजमाग तथा रा य माग िक ि थित सं तोषजनक है और साथ ही अिधकां श गाँव भी धानमं ी सड़क योजना के मा यम से प क सड़क से जुड़े ह । य िप रा ी के आस पास के गाँव म सड़क और अ य मू लभूत सु िवधाओं क थोड़ी कमी है । कु छ गाँव म अिधकां श घर म शौचालय नह ह। सव ण के दौरान यह पाया गया िक अिधकां श गाँव म ाइमरी िव ालय और जूिनयर हाई कू ल ि थत ह। िजला गोरखपुर म मा यिमक और उ चतर मा यिमक िव ालय और िड ी कॉलेज उिचत सं या म है और लोग म िश ा ा करने को लेकर जाग कता है। इन सब प रि थितय के िनमाण म इस िजले का ाचीन होना भी एक कारण है। 25 ii. शै ि क ि थित: सरकारी आंकड़ के अनुसार (2014-15) गोरखपु र म 4521 िव ालय ह, िजनम से 1 िबना िश क के , 189 एक िश क वाले तथा 509 दो िश क वाले िव ालय ह। इस कार कु ल 699 िव ालय म 3 से कम अ यापक ह। 1597 िव ालय िबना धानाचाय के ह। 27 िव ालय एक क वाले ह, जबिक 49 िव ालय म बािलकाओं के िलए शौचालय नह ह। 33 िव ालय म पेयजल क सु िवधा नह है। इसे िवड बना ही कहा जाएगा िक 1597 िव ालय म िबजली का कने शन तक नह है, जो िक आज के समय म एक मू लभूत आव यकता है। िव ालय क सं या क ि से तो गोरखपु र म पया िव ालय ह परं तु सु दरू ामीण े म अभी आधारभूत सुिवधाओं का अभाव है। िजले म य िप मा य िमक तथा उ चतर मा यिमक िव ालय क सं या पया है परं तु सुदूर े म ि थत िव ालय म रोज़मरा क पढ़ाई ठीक ढं ग से नह होती इसिलए बहत से ब चे िनजी-िव ालय म जाते ह, परं तु वहाँ शु क अिधक होने के कारण अिधकां श गरीब ब चे पढ़ाई बीच म छोड़ देते ह। iii. सामािजक एवं आिथक ि थित: गाँव के सव ण के दौरान यह यान म आया िक पुराना िजला होने के उपरा त भी ामीण जनता थोड़ी गितशील सोच रखती है लेिकन कु छ बात म वे आज भी परं परागत ि कोण को धानता देते ह, जैसे26 शौचालय का मु ा उन प रवार के िलए मह वपूण है िजनका सं पक सं बं ध शहर के साथ थािपत हो चुका है िक तु यह मह वपू ण मु ा सव ि याशील नह है, इसिलए शौचालय क ि थित यहाँ वैसी ही है जैसी िक अ य िजल म। शौचालय न बनाने के कु छ मु ख कारण अथाभाव, पानी क पया यव था न होना तथा िढ़वादी मानिसकता आिद ह। गाँव के मकान क ि थित िमलीजुली है । बाढ़ के कोप से भी यह िजला यदा-कदा त रहता है, इस कारण भी निदय के तट पर ि थत गाँव क ि थित ठीक नह है। पेयजल के िलए हडप प का उपयोग बहतायत म िकया जाता है, कु छ थान पर कु एँ भी िमले। गाँव म िबजली तकरीबन 7-8 घं टे रहती है। 4. सा ा कार अनु सू ची के आधार पर िजले क सामािजक, आिथक व शै ि क ि थित; वहाँ के ब च ारा यावसाियक िश ण के िलए य क गय िचयाँ; उन ब च तक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान क पहँच स ब धी ि थित व िजले के सं दभ म रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को सु झाव सव ण म सि मिलत ब च का आयु वग 14 से 19 वष है । सव ण म भाग लेने वाले ब च म 33.33 % लड़के तथा 66.66% लड़िकयां ह । 55 % ब च के माता-िपता मज़दूरी करते ह, 35 % ब च के माता िपता कृ िष काय करते ह तथा 10% ब च के माता-िपता क अपनी दुकान या व-रोजगार है। 95 % ब चे दो से अिधक भाई-बहन ह और 55 % प रवार म लड़िकय क सं या लड़क से यादा है। 20 % ब च ने क ा 8 तक तथा 80 % बच्च ने क ा 27 10 या 12 तक क पढ़ाई क है। यह भी उ लेखनीय है िक 100 % ब चे अवसर िमलने पर आगे पढ़ने के इ छु क ह, जो यह दशाता है िक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के िव तार क वहाँ िकतनी सं भावनाएं ह। 35% ब च ने बताया क उनके प रवार से उ ह पढ़ने के िलए मदद नह िमल सकती इसिलए वे आगे नह पढ़ सकते ह परं तु यिद उ ह मदद िमले तो वे आगे पढ़ने क इ छा रखते ह, िजससे वे पढ़ाई करके नौकरी कर सक । लगभग 95% ब चे पढ़ाई जारी रखने के इ छु क ह परं तु वे चाहते ह िक उ ह वह िश ा दी जाए जो व-रोजगारपरक हो । ब च क यावसाियक िश ा स बधी ाथिमकताओं को देखा जाए तो वह प ट होता है िक 85% ब च क यावसाियक ाथिमकताएं िसलाई और कढ़ाई, 25 % ब च के ाथिमकता युटीिशयन, 10 % ब च क ाथिमकता क यूटर या इलेि िशयन का काय है । इसके साथ ही कु छ ब च ने ऑटोमोबाइल े के काय तथा मोबाइल रपेय रं ग म भी अपनी िच दिशत क । इससे यह िन कष िनकाला जा सकता है िक यावसाियक िश ा के े म िसलाई और कढ़ाई, यु टीिशयन, क यूटर, मोबाइल रपेय रंग आिद िवषय अ यं त मह वपूण ह और रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को इन िवषय म यावसाियक िश ा के थािपत करने क आव कता है। 28 8.4. सु तानपु र िजला 1. िजले का सामा य प रचय सु तानपु र उ र देश के पुराने िजल म से एक है, जो अवध े क सीमा पर ि थत है। यह िजला फ़ै ज़ाबाद मं डल के अ तगत आता है। इस िजले के अ तगत सु तानपु र (सदर), कादीपुर, ल भुआ , जयिसं हपु र नाम क कु ल 6 तहसील आती ह । उपयु तहसील के अ तगत िवकासखंड क कु ल सं या 13 ह। इस िजले से गोमती नदी वािहत होती ह, िजसके कारण यहाँ क भूिम अ यं त उपजाऊ है। 2011 क जनगणना के अनुसार यहाँ क कु ल जनसं या 37,90,922 है, िजसम 19,16,297 पु ष तथा 18,74,625 मिहलाएँ ह । 2011 क जनगणना के अनुसार िलंगानुपात 1000 पु ष पर 978 ि याँ है। यहाँ क औसत सा ारता 71.14% है, जबिक पु ष सा रता 81.99 % तथा ी सा ारता मा 60.17% ही है। िजले म कु ल 3467 िव ालय ह। िजले का मु य यवसाय कृ िष है। िजले म एन. आई. ओ. एस. के 03 याियत सं था (AIs) तथा 03 याियत यावसाियक सं था (AVIs) ह। 2. िजले के उन थान व लोग का िववरण जहाँ से व िजनक सहायता से आं कड़े एक िकए गए सु तानपु र िजले म सु तानपु र (सदर), कादीपुर , ल भुआ तथा जयिसं हपुर नाम क कु ल 4 तहसील आती ह, िजनम से इस अ ययन म सभी चार तहसील के आरडीह, छे तन का पु रवा, मोह मदाबाद, शाहपुर पू रन तथा कु बेर शाह क प ी नामक 5 गाँव को सि मिलत िकया गया है। अ ययन के दौरान चयिनत गाँव म अवलोकन अनुसू ची को पू रत करने के िलए कु ल 20 पु ष व 30 ि य से बातचीत क गयी तथा सा ा कार अनु सचू ी को पू रत करने के िलए कु ल 17 बालक व 43 बािलकाओं से सं वाद थािपत िकया गया। 29 3. अवलोकन अनु सू ची के आधार पर िजले क आव यक भौितक सुिवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से शै ि क, सामािजक व आिथक ि थित i. आव यक भौितक सु िवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से ि थित: िजला सु तानपुर के अिधकतर गां व म और गां व से जुड़ी सड़क क ि ित लगभग ठीक है। िजले से गु जरने वाले राजमाग क हालत भी ठीक है। सव ण के दौरान यह पाया गया िक गाँव म 1 िक. मी. के े म ाइमरी िव ालय ि थत है। परं तु अ यापक क सं या िव ािथय क सं या के अनुपात म कम है। कई िव ालय म के वल एक या दो ही अ यापक ह। इन िव ालय क ि थित भी िच ताजनक है। अ य िजल भाँित सु तानपुर म भी मा यिमक िव ालय और िड ी कॉलेज कम ह और ामीण े के िव ािथय क इन मा यिमक िव ालय और िड ी कॉलेज तक पहँच कम है। ii. शै ि क ि थित: सरकारी आं कड़ के अनुसार (2014-15) सु तानपु र म 3467 िव ालय ह, िजनम से 10 िबना िश क के , 252 एक िश क वाले तथा 672 दो िश क वाले िव ालय ह। इस कार कु ल 934 िव ालय म 3 से कम अ यापक ह। 390 िव ालय म बािलकाओं के िलए शौचालय नह ह। एक और त य मह वपूण है िक 2072 िव ालय म िबजली का कने शन ही नह है, िजससे तकनीक समिथत िश ा क क पना भी नह क जा सकती। उपयु आं कड़ से कु छ त य जो प ट होते ह वह इस कार ह: िव ालय क सं या क तु लना म यहाँ अभी भी आधारभूत सु िवधाय का अभाव है। 934 से अिधक सरकारी मा यिमक/उ चतर मा यिमक िव ालय म 3 से कम अ यापक ह, ऐसे म गु णव ा पूण िश ा क क पना नह क जा सकती है। य िप मा यिमक तथा उ चतर मा यिमक िव ालय क सं या पया तो नह ही है, साथ ही सु दरू े म ि थत िव ालय मा परी ा क के प म चलते ह। ामीण ने बताया िक उनके कु छ ब चे िनजी-िव ालय म जाते ह, परं तु वहाँ शु क अिधक होने के कारण गरीब ब चे पढ़ाई बीच म छोड़ देते ह। कु छ ही ब चे इन िव ालय म पढ़ पाते ह। सरकारी िव ालय लगभग 30 दोपहर भोजनकाल तक ही चलते ह। ऐसी ि थित म यह कह पाना मु ि कल है िक िव ाथ इन िव ालय म अ ययन भी करते ह या नह । iii. सामािजक एवं आिथक ि थित: िजन गाँव का सव ण िकया गया वहां सामा यत: यह पाया गया िक अभी भी बहत कम लोग के घर म शौचालय ह। लोग अभी भी खुले े म ही शौचालय के िलए जाते ह। अं बेडकर गां व, जहाँ सरकार ने शौचालय बनवाकर िदये ह, वहां भी शौचालय अिधकतर योग म नह ह। लोग म शौचालय के ित जाग कता कम पायी गयी। कु छ शौचालय, अ य गाँव भां ित उपले सहजकर रखने म योग होते िदखे। अगर लोग के सामािजक और आिथक प र य क चचा कर तो यह पाया गया िक इस िजले म अभी भी गरीबी सव या है। िजन गां व का सव ण िकया गया, वहां क चे और प के दोन कार के घर पाये गये । कई थान पर वगवार पुरवे पाए गए। सामा य वग के पु रव क हालत अनुसिू चत वग के पुरव क तु लना म अ छी थी। इन े म पीने के पानी के िलए लोग हडप प का योग करते ह। कु छ जगह कु एं भी खुदे हए ह और आज भी लोग इनका पानी पीते ह। इन े म िबजली नाममा के िलए ही रहती है। यह जानकर हैरानी हई िक लगभग सभी प रवार म मोबाइल फोन है, परं तु यह भी पाया गया िक अिधकां श सं या म घर म टीवी 31 नह है। सु तानपु र िजले म यह देखा गया िक लड़िकयां घर के काम के अित र त खेत म काम भी करती ह। बातचीत के दौरान यह पता चला िक िश ा हेतु लड़िकय को कम समय िमल पाता है, िफर भी लड़िकयां गां व म पढ़ रह ह। अिभभावक अब लड़िकय क िश ा के िलए भी जाग क हो रहे ह; परं तु अभी भी लड़क को िश ा म वरीयता देते ह। गां व क लगभग सभी लड़िकयां 8 व या 10व तक तो पढ़ लेती ह लेिकन इसके प चात वह नह पढ़ पाती ह य िक उनके गां व के आस पास कोई सरकारी इं टर कॉलेज या िड ी कॉलेज नह है। 4. सा ा कार अनु सू ची के आधार पर िजले क सामािजक, आिथक व शै ि क ि थित; वहाँ के ब च ारा यावसाियक िश ण के िलए य क गय िचयाँ; उन ब च तक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान क पहँच स ब धी ि थित व िजले के सं दभ म रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को सु झाव सव ण म 14 से 19 वष के आयु वग वाले ब चे सि मिलत हए | सव ण म भाग लेने वाले ब च म 28.33 % लड़के तथा 71.66 % लड़िकयां ह। आँकड़ से यह भी प ट हआ है िक: 41 % ब च के माता-िपता मज़दूरी करते ह, जबिक 27 % ब च के माता-िपता कृ िष काय करते ह, के वल 32% ब च के माता-िपता िकसी वैतिनक रोजगार या सरकारी नौकरी म पाये गए। सभी ब च के एक से अिधक भाई-बहन ह और 62 % प रवार म लड़िकय क सं या लड़क से यादा है। 10% ब च ने क ा पां च के बाद, 19 % ब च ने क ा 8 के बाद तथा 47% ब च ने 10 या 12 व के बाद पढ़ाई छोड़ दी है। यह भी उ लेखनीय है िक 95 % अवसर िमलने पर पुन : पढ़ने के इ छु क ह, जो यह दशाता है िक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के िव तार क वहां िकतनी सं भावनाएं ह। 95 % ब च ने बताया उनके आगे पढ़ने क इ छा इसिलए है य िक वे पढ़ाई करके नौकरी करना चाहते ह अथात इन ब च के िलए वह िश ा उपयोगी होगी, जो रोजगारपरक हो। 32 50 % ब च ने पढाई बीच ने छोड़ने का कारण िव ालय घर से दूर होना, 30% ब च ने माता-िपता के शु क न देने क मता तथा 20% ब च ने माता-िपता क अिन छा बतायी। उपयु त िबं द ुओं से िन निलिखत िन कष िनकाला जा सकता है रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान ारा िश ा को ार- ार तक पहंचाने का ल य ा त करने हेतु ऐसी िश ा को ाथिमकता देनी चािहए जो रोजगार दे, सु लभ और स ती हो और ब च क िच े से जुड़ी हो। िश ा क गु णव ा को सुिनि त करने के िलए एक सश िनगरानी तं के िवकास क आव यकता है, जो इन ब च तक िश ा के पहँच के रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान यास को सफल बना सके । ब च क यावसाियक िश ा स बधी ाथिमकताओं को देखा जाए तो वह प ट होता है िक 65 % ब च क यावसाियक ाथिमकताएं िसलाई और कढ़ाई, 27 % ब च के ाथिमकता युटीिशयन, 19 % ब च क ाथिमकता क यूटर, 8 % ब च क ाथिमकता मोबाइल ठीक करना और लगभग 3% ब च क ाथिमकता इलेि कल रपेय रं ग स ब धी काम सीखने क है। इससे यह िन कष िनकाला जा सकता है िक यावसाियक िश ा के े म िसलाई-कढ़ाई, यु टीिशयन, क यूटर, मोबाइल और इलेि कल रपेय रं ग जैसे िवषय इस े म अ यं त मह वपूण ह और रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को इन िवषय म यावसाियक िश ा के थािपत करने क आव कता है। 33 8.5. अमेठी िजला 1. िजले का सामा य प रचय अमेठी िजले का िनमाण सु तानपुर और रायबरे ली िजले क कु छ तहसील को िमलाकर िकया गया, यह एक नया िजला है। यह िजला फ़ै ज़ाबाद म डल के अं तगत आता है। इस िजले म कु ल चार तहसील, अमेठी, गौरीगं ज, मु सािफरखाना और ितलोई ह। िजले का शासिनक नाम अमे ठी है परं तु मु यालय गौरीगं ज है। उपयु तहसील के अ तगत िवकासखं ड क कु ल सं या 13 है। इस िजले म गोमती नदी बहती ह, िजसके कारण यहाँ क भूिम अ यं त उपजाऊ है। 2011 क जनगणना म इस िजले का योरा नह है य िक अमेठी िजले का गठन 2010 म िकया गया था। िजले म कु ल 2498 िव ालय ह। िजले का मु य यवसाय कृ िष है। िजले म एन. आई. ओ. एस. का ना तो एक भी याियत सं थान (AIs) है और ना ही कोई याियत यावसाियक सं थान (AVIs) । 2. िजले के उन थान व लोग का िववरण, जहाँ से व िजनक सहायता से आं कड़े एक िकए गए: अमेठी िजले म अमेठी, गौरीगं ज, ितलोई तथा मु सािफ़रखाना नाम क कु ल 4 तहसील आती ह। इस अ ययन म उपयु चार तहसील के सटवा, पीढ़ीबहादुरपुर , गु िनया म ू पुर, बेहटा, पू रे हरपाल िसं ह बैस, नारा अधनपु र, छतरी, उखरमऊ, खादे का पुरवा तथा जानापुर नामक दस गाँव को सि मिलत िकया गया है । अ ययन के दौरान चयिनत गाँव म अवलोकन अनुसचू ी को पू रत करने के िलए कु ल 16 पु ष व 34 ि य से बातचीत क गयी तथा सा ा कार अनुसू ची को पू रत करने के िलए कु ल 18 बालक व 42 बािलकाओं से सं वाद थािपत िकया गया। 34 3. अवलोकन अनु सू ची के आधार पर िजले क आव यक भौितक सुिवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से ि थित तथा शै ि क, सामािजक व आिथक ि थित i. आव यक भौितक सु िवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से ि थित: िजला अमेठी के अिधकतर गां व म और गां व से जुड़ सड़क क ि थित बहत ही खराब है। कई जगह पर इतने बड़े गड् ढे हो गये ह िक उनसे गु जरने वाली गािड़य को अ य त किठनाई का सामना करना पड़ता है। िजले से गु जरने वाले राजमाग क हालत भी बहत जगह खराब है। इससे यह समझा जा सकता है िक वहां के रहने वाले लोग को अ यं त किठनाइय का सामना करना पडता है। सव ण के दौरान यह पाया गया िक अिधकां श गाँव म 1-2 िक. मी. के े म ाथिमक िव ालय ि थत है, परं तु अ यापक क सं या, िव ािथय क सं या के अनुपात म बहत कम है। कई िव ालय म के वल एक या दो ही अ यापक ह। इन िव ालय क ि थित भी िच ताजनक है। िजला अमेठी म मा यिमक और उ चतर मा यिमक िव ालय और िड ी कॉलेज भी अपे ाकृ त कम ह। ii. शै ि क ि थित: िजला मु यालय पर उपि थत िजला िव ालय िनरी क कायालय तथा बेिसक िश ा अिधकारी कायालय से ा त जानकारी तथा सरकारी आं कड़ (2014-15) के अनुसार िजले म 2498 िव ालय ह, िजनम से 54 िबना िश क के , 230 एक िश क वाले तथा 543 दो िश क वाले िव ालय ह। इस कार कु ल 35 827 िव ालय म 3 से कम अ यापक ह। 466 िव ालय म बािलकाओं के िलए और 283 िव ालय म बालक िलए शौचालय काम नह कर रहा है। एक और त य मह वपूण है िक 1517 िव ालय म िबजली का कने शन ही नह है, ऐसे म यहाँ आधु िनक सू चना और स ेषण तकनीक के यु गम तकनीक आधा रत िश ा क क पना भी नह क जा सकती। उपयु आं कड़ से कु छ और त य प ट होते ह, वे इस कार ह: िव ालय क सं या पया है पर तु उनम अभी भी मू लभूत सुिवधाय का अभाव है। 827 मा यिमक/उ चतर मा यिमक िव ालय म 3 से कम अ यापक ह, ऐसे म गु णव ा पू ण िश ा क क पना नह क जा सकती है। य िप मा यिमक तथा उ चतर मा यिमक िव ालय क सं या पया है परं तु िव ालय म िश ा उिचत कार से नह दी जा रही है। ामीण ने बताया िक उनम से कु छ के ब चे िनजी िव ालय म जाते ह। यह भी देखने म आया िक सरकारी िव ालय लगभग दोपहर भोजन काल तक ही चलते ह। ऐसी ि थित म यह कह पाना मुि कल है िक िव ाथ इन िव ालय म अ ययन हेतु आयगे भी या नह । सरकारी तथा अनुदािनत िव ालय क तु लना म गैर-अनुदािनत िव ालय क सं या बहतायत म है। मा यिमक तथा उ चतर मा यिमक िव ालय क कु ल सं या सं तोषजनक नह है और कु छ िव ालय तो अ यंत जजर ि ाित म ह, उदाहरणाथ: मु सािफरखाना का राजक य बािलका इ टर कॉलेज (नीचे िच िदया गया है) ऐसी ि थित म यह सोचनीय है िक िव ाथ या ऐसे िव ालय म अ ययन हेतु आयगे जो कभी भी िगर सकते ह। सरकारी िव ालय क दुदशा और जन-सामा य के उन पर अिव ास का लाभ उठा कर बहत से िनजी िव ालय इन े म खुल गए ह, जो दूर देहात म भी “का वट” जैसे श द को अपने नाम म जोड़ कर भोली-भाली जनता को अँ ेजी िश ा का सपना िदखा कर लूट रहे ह, जैसे िक लाखनबाबा का वट कू ल या ऐसे ही अ य छ िव ालय। 36 अमेठी िजले क िश ा यव था को वहां क एक आंगनवाड़ी कायकत क िट पणी से प ट समझा जा सकता है, जहाँ वह कहती ह –“अमे ठी, फ़ैज़ाबाद से 25 साल पीछे है, मने अपने मायके म 20 वष पहले BA िकया था और मेरी सुसराल म िश ा क यव था न होने के कारण मने अपने ब चे मायके छोड़े हए ह”। iii. सामािजक एवं आिथक ि थित: िजन गां व का सव ण िकया गया वहां सामा यत: यह पाया गया िक अभी भी बहत कम लोग के घर म शौचालय ह। लोग खुले े म ही शौचालय के िलए जाते ह। लोग म शौचालय के योग के ित जाग कता कम पायी गयी। कु छ शौचालय उपले, लकिड़याँ इ यािद सहजकर रखने म योग होते िदखे। 37 अगर लोग क सामािजक और आिथक ि थित क चचा कर तो यह पाया गया िक इस िजले म अभी भी बहत गरीबी है। िजन गां व का सव ण िकया गया वहां क चे और प के , दोन कार के घर पाये गये। कई गां व म तो अिधकतर घर क चे ही पाये गये। इन े म पीने के पानी के िलए लोग या तो सरकारी हडप प का योग करते ह या कई जगह कु एं भी खुदे हए ह और यहाँ के लोग इनका पानी पीते ह। यह देखकर आ य हआ िक अमेठी के कु छ गाँव म लोग अभी भी गोमती नदी का पानी पीते ह। इन े म िबजली औसतन 2-5 घं टे ही रहती है। सव ण के दौरान यह पाया गया िक लगभग सभी प रवार के पास मोबाइल फोन है परं तु यह भी पाया गया िक अिधकां श सं या म घर म टीवी नह है। अमेठी िजले म यह देखा गया िक लड़िकयां घर के काम के अित र त गाय बकरी चराना, खेत म काम करना आिद काम भी करती ह। बातचीत के दौरान यह पता चला िक गां व म जो मू लभूत सु िवधाएँ उपल ध होनी चािहये, वे उपल ध नह ह। अगर िश ा क बात क जाये तो यह पाया गया िक लड़िकयां अब गां व म भी पढ़ रह ह और अिभभावक अब लड़िकय के िलए भी जाग क हो गये ह परं तु यिद वरीयता क बात िक जाए तो वह अब भी लड़क के साथ है। गां व क लगभग सभी लड़िकयां 5व -8व तक तो पढ़ लेती ह, लेिकन इसके प चात वह नह पढ़ पाती है य िक उनके गां व के आस पास कोई मा यिमक िव ालय और िड ी कॉलेज नह ह । 38 सव ण म यह भी देखा गया िक गोमती नदी के िकनारे ि थत गां व म आवागमन, िश ा और वा य साधन क ि थित अ यं त िचं तनीय है, कई गां व के बीच वा तिवक दूरी 4-5 िक.मी. ही है परं तु नदी पर पु ल न होने के कारण उ ह सड़क से 20-25 िक.मी. क दूरी तय करनी पड़ती है। 4. सा ा कार अनु सू ची के आधार पर िजले क सामािजक, आिथक व शै ि क ि थित; वहाँ के ब च ारा यावसाियक िश ण के िलए य क गय िचयाँ; उन ब च तक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान क पहँच स ब धी ि थित व िजले के सं दभ म रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को सु झाव सव ण के दौरान िन निलिखत मु य जानका रयां सामने आय : सव ण म सि मिलत ब च का आयु वग 14 से 19 वष है, सव ण म भाग लेने वाले ब च म 30 % लड़के तथा 70 % लड़िकयां ह। 65.33 % ब च के माता-िपता मज़दूरी करते ह, जबिक मा 28 % ब च के माता िपता कृ िष काय करते ह। के वल 6.66 % ब च के माता-िपता िकसी वैतिनक रोजगार या सरकारी नौकरी म ह। 89.33 % ब चे दो से अिधक भाई-बहन ह और 48 % प रवार म लड़िकय क सं या लड़क से यादा है। 20% ब च ने क ा पां च तक, 36 % ब च ने क ा 8 तक तथा 44 % ब च ने 10 या 12 तक क पढ़ाई क है। यह भी उ लेखनीय है िक 58 % ब चे अवसर िमलने पर पुन : पढ़ने के इ छु क ह, जो यह दशाता है िक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के िव तार क वहां िकतनी सं भावनाएं ह। 72 % ब च ने बताया उनके आगे पढ़ने क इ छा इसिलए है य िक वे पढ़ाई करके नौकरी करना चाहते ह अथात 72 % ब च के िलए वह िश ा उपयोगी होगी, जो रोजगारपरक है। 46.66 % ब च ने पढ़ाई बीच म छोड़ने का कारण िव ालय का घर से दूर होना बताया, 22.66 % ब च ने माता-िपता के शु क न देने क मता तथा 16 % ब च ने माता-िपता क अिन छा को कारण बताया। 39 उपयु त िबं द ुओं से यह िन कष िनकाला जा सकता है िक: यिद रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान यहाँ के सुद ूर ामीण े तक अपनी पहँच बना ले और वहाँ के ब च क िच के अनु प रोजगारपरक, सु लभ और स ती िश ा दान करने का बं ध करे तो िश ा को ार- ार तक पहंचाने का ल य ा त करने हेतु इस े म रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के िलए असीम सं भावनाएँ ह। सं थान को िश ा क गु णव ा सु िनि त करनी होगी और एक सश िनगरानी तं का िवकास करना होगा। िन य ही यह एक चुनौतीपू ण काय होगा य िक यहाँ के लोग रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के नाम से भी प रिचत नह ह। ब च क यावसाियक िश ा सं बं धी ाथिमकताओं को देखा जाए तो प ट होता है िक 42.66 % ब च क यावसाियक ाथिमकताएं िसलाई और कढ़ाई, 29.33 % ब च के ाथिमकता यु टीिशयन, 20 % ब च क ाथिमकता क यूटर है। इसके साथ ही कु छ ब च ने ऑटो रपेय रं ग और पिटं ग म भी अपनी िच दिशत क । इस से यह िन कष िनकाला जा सकता है िक यावसाियक िश ा के े म िसलाई और कढ़ाई, यु टीिशयन, क यूटर, ऑटो रपेय रं ग आिद िवषय अ यं त मह वपूण ह और रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को इन िवषय म यावसाियक िश ा के थािपत करने क आव यकता है। 40 8.6. रायबरे ली िजला 1. िजले का सामा य प रचय रायबरे ली उ र देश के पु राने िजल म से एक है, जो िक अवध े म आता है। यह िजला फ़ै ज़ाबाद म डल के अ तगत आता है। इस िजले के अ तगत रायबरे ली सदर, डलमऊ, महाराजगं ज, लालगं ज, ऊंचाहार तथा सलोन नाम क कु ल 6 तहसील आती ह। तहसीलवार िवकासखं ड क कु ल सं या 15 है। 2011 क जनगणना के अनु सार यहाँ क कु ल जनसं या 34,04,004 है, िजसम 17,53,344 पु ष तथा 16,50,660 मिहलाएँ ह। यहाँ के जनगणना सं बं धी आं कड़ से प होता है िक 2001 क तुलना म यहाँ िलंगानु पात म भारी िगरावट हई है, जो 0-6 वष आयु वग म िचं तनीय है। 2011 क जनगणना के अनुसार िलंगानुपात 1000 पु ष पर 941 ि याँ है। यहाँ क औसत सा रता 69.04 % है, जबिक पु ष सा रता 79.39% तथा ी सा रता मा 58.06 % ही है। िजले म कु ल 3539 िव ालय ह। यहाँ क 9.39 % जनसं या शहरी े म, जबिक 90.61% जनता ामीण े म िनवास करती है। िजले म एन. आई. ओ. एस. के 04 याियत सं था (AIs) तथा 01 याियत यावसाियक सं था (AVIs) ह। 2. िजले के उन थान व लोग का िववरण, जहाँ से व िजनक सहायता से आं कड़े एक िकए गए रायबरे ली िजले म रायबरे ली, डलमऊ, महाराजगं ज, लालगं ज, ऊंचाहार तथा सलोन कु ल 6 तहसील आती ह, िजनम से इस अ ययन म रायबरे ली (सदर), महाराजगं ज के प म दो तहसील के पहाड़ाखेरा, सोहरा, नया पु रवा और अमरावां नामक 4 गाँव को सि मिलत िकया गया है । अ ययन के दौरान चयिनत गाँव म अवलोकन अनुसू ची को 41 पू रत करने के िलए कु ल 30 पु ष व 20 ि य से बातचीत क गयी तथा सा ा कार अनुसू ची को पू रत करने के िलए कु ल 06 बालक व 54 बािलकाओं से संवाद थािपत िकया गया । 3. अवलोकन अनु सूची के आधार पर िजले क आव यक भौितक सुिवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से शै ि क, सामािजक व आिथक ि थित i.आव यक भौितक सु िवधाओं व उससे सं बिं धत सेवाओं क ि से ि थित: रायबरे ली िजले के मण के दौरान यह देखने म आया िक यहाँ क सड़क क ि थित तु लना मक प से ठीक है। रा ीय राजमाग तथा रा यमाग िक ि थित सं तोषजनक है; साथ ही अिधकां श गाँव भी धानमं ी ाम सड़क योजना के मा यम से प क सड़क से जुड़े ह। सड़क क हालत तु लना मक प से िनकट के िजले अमेठी से काफ -कु छ ठीक थी। सव ण के दौरान गाँव के अिधकां श घर म शौचालय नह िमले। यह पाया गया िक अिधकां श गाँव म 1-2 िक. मी. के े म ाथिमक िव ालय ि थत ह। िजला रायबरे ली म मा यिमक और उ चतर मा यिमक िव ालय और िड ी कॉलेज उिचत सं या म ह और लोग म िश ा ा करने को लेकर जाग कता है। ii. शै ि क ि थित: सरकारी आं कड़ के अनुसार (2014-15) रायबरे ली म 3539 िव ालय ह, िजनम से 29 िबना िश क के , 489 एक िश क वाले तथा 370 दो िश क वाले िव ालय ह। इस कार कु ल 888 िव ालय म 3 से कम अ यापक ह। एक और त य मह वपूण है िक 1801 िव ालय म िबजली का कने शन नह है, िजसके प रणाम व प वहाँ तकनीक आधा रत िश ा क सं भावना नह है। उपयु आंकड़ से कु छ अ य त य भी प ट होते ह जो िन निलिखत है:42 िव ालय क सं या भले ही पया हो परं तु वहाँ अभी भी आधारभूत सु िवधाओं का अभाव है । 888 से अिधक सरकारी मा यिमक/उ चतर मा यिमक िव ालय म 3 से कम अ यापक ह, ऐसे म गु णव ापूण िश ा अक पनीय है। य िप मा यिमक तथा उ चतर मा यिमक िव ालय क सं या पया है परं तु सु दरू े म ि थत िव ालय मा परी ा क के प म चलते ह, जहाँ रोज़मरा क पढ़ाई ना के बराबर होती है। िदन म म यान-भोजन के बाद लगभग अिधकां श िव ालय बं द हो जाते ह। ामीण ने बताया िक यादातर घर के ब चे िनजी िव ालय म जाते ह, परं तु वहाँ शु क अिधक होने के कारण गरीबब चे पढ़ाई बीच म छोड़ देते ह। के वल वही आगे पढ़ पाते ह, जो शु क अदा कर पाते ह। iii. सामािजक एवं आिथक ि थित: िजन गां व का सव ण िकया गया वहाँ सामा यत: यह पाया गया िक अभी भी बहत कम लोग के घर म शौचालय ह। लोग खुले म ही शौच के िलए जाते ह। अंबेडकर गां व जहाँ सरकार ने शौचालय बनवाकर िदये, वहाँ भी शौचालय अिधकतर योग म नह आते ह। इसके कई तकनीक कारण देखने म आए जैसे गड् ढे का छोटा होना, पानी का अभाव आिद। इस िजले म भी लोग म शौचालय के योग के ित जाग कता कम पायी गयी । गाँव म पर परागत प से जाित के आधार पर पुरव / टोल क उपि थित देखी गयी। अनुसू िचत जाित क बहलता वाले पुरव / टोल म गरीबी यादा िदखी। िजन गाँव का सव ण िकया गया वहाँ क चे और प के दोन कार के घर पाये गये। इन े म पीने के पानी के िलए लोग हडप प का योग करते ह परं तु कई जगह उ च वग के घर म िनजी कु एँ भी खुदे हए ह और लोग इनका पानी पीते ह। इन े म िबजली औसतन 7-8 घं टे ही रहती है। अिधकां श लोग मोबाइल फोन का योग करते ह, वो चाहे बहत गरीब ह या अमीर। य िप अिधकां श सं या म घर म टीवी नह है। अगर िश ा क बात क जाये तो यह पाया गया िक गां व क लगभग सभी लड़िकयां 5व -8व तक तो पढ़ लेत ी ह, लेिकन इसके प चात वह नह पढ़ पाती य िक उनके 43 गां व के आस पास कोई अ छा इं टर कॉलेज और िड ी कॉलेज नह ह। अिधकां श प रवार बािलकाओं को आगे क िश ा के िलए ो सािहत नह करते । 4. सा ा कार अनु सू ची के आधार पर िजले क सामािजक, आिथक व शै ि क ि थित; वहाँ के ब च ारा यावसाियक िश ण के िलए य क गय िचयाँ; उन ब च तक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान क पहँच स ब धी ि थित व िजले के सं दभ म रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को सु झाव सव ण म सि मिलत ब च का आयु वग 14 से 19 वष है। सव ण म भाग लेने वाले ब च म 10% लड़के तथा 90% लड़िकयां ह । आकड़ से यह भी प ट हआ है िक 22.72 % ब च के माता-िपता मज़दूरी करते ह, जबिक 68.18 % ब च के माता िपता कृ िष काय करते ह। के वल 9.09 % ब च के माता-िपता िकसी वैतिनक रोजगार या सरकारी नौकरी म पाये गए; शेष क अपनी दुकान या व-रोजगार है । चयिनत सभी ब चे दो से अिधक भाई-बहन वाले ह और 59.09 % प रवार म लड़िकय क सं या लड़क से यादा है । 18.17 % ब च ने क ा 5 तक तथा 45.45 % ब च ने 8 तक, 13.63% ब च ने 10 तक और 22.72% ब च ने 12 तक क पढ़ाई क है । यह भी उ लेखनीय है िक सभी ब चे अवसर िमलने पर आगे पढ़ने के इ छु क ह, जो यह दशाता है िक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के िव तार क यहाँ िकतनी सं भावनाएँ ह । 86.36 % ब च ने बताया उनके आगे पढ़ने क इ छा इसिलए है य िक वे पढ़ाई करके नौकरी करना चाहते ह और वावलं बी होना चाहते ह । उपयु िबं द ुओं के आधार पर ये कहा जा सकता है िक ब च क यावसाियक िश ा स बधी ाथिमकताओं को देखा जाए तो यह प ट होता है िक 77.27% ब च क यावसाियक ाथिमकता िसलाई और कढ़ाई, 27.27 % ब च क ाथिमकता यूटीिशयन तथा 4.54% ब च क ाथिमकता मोबाइल रपेय रं ग या इलेि िशयन स ब धी काय करने क है । इस से यह िन कष िनकाला जा सकता है िक यावसाियक िश ा के े म िसलाई-कढ़ाई, यू टीिशयन, क यूटर, मोबाइल रपेय रं ग और इलेि िशयन आिद िवषय अ यं त मह वपूण है। रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को यहाँ के ामीण े म उपयु िवषय म रोजगारपरक, सवसु लभ और स ती िश ा क यव था करने हेतु यावसाियक िश ा क थािपत करने क आव यकता है। 44 8.7. फ़ैज़ाबाद िजला 1. िजले का सामा य प रचय फ़ै ज़ाबाद उ र देश के पुराने िजल म से एक है , जो पिव नगरी अयो या के िनकट ि थत है। अयो या फ़ै ज़ाबाद िजले के अंतगत ही आता है। यह फ़ै ज़ाबाद मं डल का म डल मु यालय भी है। इस िजले के अ तगत िबकापुर , दौली, फ़ै ज़ाबाद, सोहावल तथा िम क पुर के प म कु ल 5 तहसील आती ह। िजले म िवकास खंड क कु ल सं या 11 है। यहां से मु यतः सरयू नदी वािहत होती है, िजसके कारण यहाँ क भूिम अ यं त उपजाऊ है। 2011 क जनगणना के अनु सार यहाँ क कु ल जनसं या 24,68,371 है, िजसम 12,58,455 पु ष तथा 12,09,916 मिहलाएँ ह। 2011 क जनगणना के अनु सार िलं गानुपात 1000 पु ष पर 961 ि याँ है। यहाँ क औसत सा रता 70.63 % है जबिक पु ष सा रता 80.21 % तथा ी सा रता मा 60.72 % ही है। िजले म कु ल 3742 िव ालय ह। िजले का मु य यवसाय कृ िष है। िजले म एन. आई. ओ. एस. के 02 याियत सं था (AIs) तथा 02 याियत यावसाियक सं था (AVIs) ह । 2. िजले के उन थान व लोग का िववरण जहाँ से व िजनक सहायता से आं कड़े एक िकए गए फ़ै ज़ाबाद िजले म िबकापु र, दौली, फ़ै ज़ाबाद, सोहावल तथा िम क पुर कु ल 5 तहसील आती ह, िजनम से इस अ ययन म िबकापु र, फ़ै ज़ाबाद (सदर) तथा िम क पुर के प म तीन तहसील के कु सु हा, सोनखरी, भवानी, भीखू िम ा का पु रवा नामक 4 गाँव को सि मिलत िकया गया है । अ ययन के दौरान चयिनत गाँ व म अवलोकन अनु सचू ी को पू रत करने के िलए कु ल 30 पु ष व 20 ि य से बातचीत क गयी तथा सा ा कार अनुसचू ी को पू रत करने के िलए कु ल 20 बालक व 40 बािलकाओं से सं वाद थािपत िकया गया । 3. अवलोकन अनु सू ची के आधार पर िजले क आव यक भौितक सुिवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से शै ि क, सामािजक व आिथक ि थित 45 i. आव यक भौितक सु िवधाओं व उससे संबं िधत सेवाओं क ि से ि थत: फ़ै ज़ाबाद िजले के मण के दौरान ये देखने म आया िक यहाँ क सड़क क ि थित आस पास के िजल से तु लना मक प से ठीक है । रा ीय राजमाग तथा रा यमाग िक ि थित सं तोषजनक है; साथ ही अिधकां श गाँव भी धानमं ी ाम सड़क योजना के मा यम से प क सड़क से जुड़े ह, पर तु नदी (सरयू) के आस पास के गाँव म सड़क और अ य मू लभूत सु िवधाओं का अभाव है । गाँव म अिधकां श घर म शौचालय नह ह । सव के दौरान यह पाया गया िक अिधकां श गाँव म 1-2 िक. मी. के े म ाइमरी िव ालय ि थत है। िजला फ़ै ज़ाबाद म मा यिमक और उ चतर मा यिमक िव ालय और िड ी कॉलेज तो उिचत सं या म ह ही और लोग म िश ा ा करने को लेकर जाग कता भी है। चूं िक इस िजले म िव िव ालय के साथ साथ कई अ य उ च िश ण सं थान ह; इसिलए लोग म िश ा ा करने को लेकर जाग कता भी िदखी। ii. शैि क ि थित: सरकारी आंकड़ के अनुसार (2014-15) म फ़ै ज़ाबाद म 3742 िव ालय ह, िजनम से 4 िबना िश क के , 53 एक िश क वाले तथा 434 दो िश क वाले िव ालय ह। इस कार कु ल 491 िव ालय म 3 से कम अ यापक ह। 191 िव ालय म शौचालय नह है जबिक 72 िव ालय म बािलकाओं के िलए शौचालय नह है । मह वपूण बात यह भी है िक 1827 िव ालय म िबजली का कने शन ही नह है। इन िव ािथय के िलए तकनीक िश ा एक व न जैसा है। 46 उपयु आंकड़ से कु छ अ य त य भी प ट होते ह, जो िन निलिखत ह: िव ालय क सं या क तु लना म यहाँ अभी आधारभूत सु िवधाओं का अभाव है । 491 सरकारी मा यिमक/उ चतर मा यिमक िव ालय म 3 से कम अ यापक ह, ऐसे म गु णव ापू ण िश ा क क पना नह क जा सकती । य िप मा यिमक तथा उ चतर मा यिमक िव ालय क सं या पया है परं तु वहाँ रोज़मरा क पढ़ाई नह होती । अिधकतर ब चे के वल म याहन भोजन के िलए आते ह और भोजन करने के उपरां त अपने घर को चले जाते ह और िव ालय भी लगभग बं द हो जाते ह। आम जनता सरकारी िश ा यव था से घोर िनराशा म है। जो अिभभावक आिथक प से स प न ह वे अपने ब च को दूर या िनकट के अ छे िव ालय म वेश िदला देते ह। परं तु अिधकतर ामीण के ब चे वहाँ के िनकटतम सरकारी िव ालय म ही पढ़ते ह। iii. सामािजक एवं आिथक ि थित: िजन गां व का सव ण िकया गया वहाँ सामा यत: यह पाया गया िक अभी भी बहत कम लोग के घर म शौचालय ह । लोग खुले म ही शौच के िलए जाते ह । जहाँ सरकार ने शौचालय बनवाकर िदये, वहाँ भी शौचालय अिधकतर योग म नह आते ह। इस िजले म भी गाँ व म पर परागत प से जाित के आधार पर पुरव / टोल क उपि थित देखी गयी । अनुसू िचत जाित के साथ साथ अ य सामा य वग क जाितय के पु रव म भी समान प से गरीबी िदखी। िजन गाँव का सव ण िकया गया वहाँ क चे और प के दोन कार के घर पाये गये । इन े म पीने के पानी के िलए लोग हडप प का योग करते ह परं तु कई जगह कु एँ भी खुदे हए ह िजनका उपयोग अभी भी होता है। इन े म िबजली औसतन 6-7 घं टे ही रहती है । अिधकां श लोग मोबाइल फोन का योग करते ह । परं तु यह भी देखा गया िक अिधकां श सं या म घर म टीवी नह है । अगर िश ा क बात क जाये तो यह पाया गया िक अिभभावक अब लड़िकय के िलए भी जाग क हो गये ह परं तु उ च िश ा म वरीयता अब भी लड़क के िलए ही है । गां व क लगभग सभी लड़िकयां 8व -10व 47 तक तो पढ़ लेती ह लेिकन इसके प चात वह नह पढ़ पाती य िक उनके गां व के आस पास कोई अ छा इंटर कॉलेज और िड ी कॉलेज नह ह । 4. सा ा कार अनु सू ची के आधार पर िजले क सामािजक, आिथक व शै ि क ि थित; वहाँ के ब च ारा यावसाियक िश ण के िलए य क गय िचयाँ; उन ब च तक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान क पहँच स ब धी ि थित व िजले के सं दभ म रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को सु झाव सव ण म सि मिलत ब च का आयु वग 14 से 19 वष है, सव ण म भाग लेने वाले ब च म 33.33% लड़के तथा 66.66% लड़िकयां ह । आकड़ से यह भी प ट हआ है िक 40.54 % ब च के माता-िपता मज़दूरी करते ह, जबिक मा 27.02 % ब च के माता िपता कृ िष काय करते ह। के वल 32.43 % ब च के माता-िपता िकसी वैतिनक रोजगार या सरकारी नौकरी म पाये गए, शेष क अपनी दुकान या व-रोजगार है । सभी चयिनत ब चे दो से अिधक भाई-बहन वाले ह और 43.24 % प रवार म लड़िकय क सं या लड़क से यादा है । 24.32 % ब च ने क ा 8 तक, 10.81 % ब च ने 9 तक, 27.02 % ब च ने 10 तक तथा 37.83% ने 12 या उससे अिधक तक क पढ़ाई क है । यह भी उ लेखनीय है िक सभी ब चे अवसर िमलने पर आगे पढ़ने के इ छु क ह। 94.59 % ब च ने बताया उनके आगे पढ़ने क इ छा इसिलए है य िक वे पढ़ाई करके नौकरी करना चाहते ह। ऐसे म उनके िलए दान क जाने वाली िश ा क गु णव ा सुिनि त क जानी आव यक है और यह रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान अपने के को थािपत करके आसानी से कर सकता है। कु छ अ य मह वपूण िब दु िन नवत है ब च क यावसाियक िश ा स बधी ाथिमकताओं को देखा जाए तो वह प ट होता है िक 51.35% ब च क यावसाियक ाथिमकता िसलाई और कढ़ाई, 5.40 % ब च क ाथिमकता यू टीिशयन, 24.32 % ब च क ाथिमकता क यूटर, 13.51% ब च क ाथिमकता इलेि िशयन तथा 8.10% ब च क ाथिमकता मोबाइल ठीक करने इ यािद क है । इस से यह िन कष िनकाला जा सकता है िक यावसाियक िश ा के े म िसलाई-कढ़ाई, यू टीिशयन, क यूटर, मोबाइल रपेय रं ग आिद िवषय अ यं त मह वपू ण है और रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को इन िवषय म यावसाियक िश ा क थािपत करने क आव कता है । 48 8.8. अ बेडकरनगर िजला 1. िजले का सामा य प रचय अं बेडकरनगर उ र देश के नव िनिमत िजल म से एक है। यह िजला फ़ै ज़ाबाद मं डल के अ तगत आता है। इस िजले के अ तगत िबिहटी, टां डा, अकबरपुर, अ लापु र, तथा जलालपुर कु ल 5 तहसील आती ह। इन तहसील म िवकासख ड क कु ल सं या 09 है। यह िजला घाघरा नदी के िनकट ि थत है, िजसके प रणाम व प यहाँ क भूिम उपजाऊ है। 2011 क जनगणना के अनु सार यहाँ क कु ल जनसं या 23,98,709 है, िजसम 12,14,225 पु ष तथा 11,84,484 मिहलाएँ ह। 2011 क जनगणना के अनु सार िलंग ानुपात 1000 पु ष पर 976 ि याँ है। यहाँ क औसत सा रता 74.37 % है, जबिक पु ष सा रता 83.95% तथा ी सा रता मा 64.82 % ही है। िजले म कु ल 3566 िव ालय ह। िजले का मु य यवसाय कृ िष है। िजले म एन. आई. ओ. एस. के 05 याियत सं था (AIs) तथा 03 याियत यावसाियक सं था (AVIs) ह। 2. िजले के उन थान व लोग का िववरण, जहाँ से व िजनक सहायता से आं कड़े एक िकए गए अं बडे करनगर िजले म िबिहटी, टां डा, अकबरपुर , अ लापु र, तथा जलालपुर कु ल 5 तहसील आती ह, िजनम से इस अ ययन म िबिहटी, टां डा, अ लापु र, जलालपुर चार तहसील के अरई, रोशनपु र मजरा, के वटही, ािहनपु र, कु सुमा सागरा नामक 6 गाँव को सि मिलत िकया गया है। अ ययन के दौरान चयिनत गाँव म अवलोकन अनुसू ची को पू रत करने के िलए कु ल 30 पु ष व 20 ि य से बातचीत क गयी तथा सा ा कार अनु सू ची को पू रत करने के िलए कु ल09 बालक व 51 बािलकाओं से सं वाद थािपत िकया गया। 3. अवलोकन अनु सू ची के आधार पर िजले क आव यक भौितक सुिवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से शै ि क, सामािजक व आिथक ि थित 49 i. आव यक भौितक सु िवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से ि थित: अंबेडकरनगर िजले के मण के दौरान ये देखने म आया िक यहाँ क सड़क क ि थित तु लना मक प से ठीक है । रा ीय राजमाग तथा रा यमाग क ि थित सं तोषजनक है; साथ ही अिधकां श गाँव भी धानमं ी ाम सड़क योजना के मा यम से प क सड़क से जुड़े ह पर तु नदी के आस पास के गाँव म सड़क और अ य मू लभूत सु िवधाओं का अभाव है । गाँव के अिधकां श घर म शौचालय नह ह। सव के दौरान यह पाया गया िक अिधकां श गाँव म 1-2 िक. मी. के े म ाथिमक िव ालय ि थत है। िजला अंबेडकरनगर म मा यिमक और उ चतर मा यिमक िव ालय उिचत सं या म ह। परं तु इं टर और िड ी कॉलेज क सं या तु लना मक प से कम है। लोग म िश ा ा करने को लेकर जाग कता है परं तु िजला अंबेडकरनगर के गाव म अ य आधारभूत सु िवधाओं का अभाव भी है। ii. शैि क ि थित: सरकारी आं कड़ के अनु सार (2014-15) म अं बेडकरनगर म 3566 िव ालय ह िजनम से 104 एक िश क वाले तथा 376 दो िश क वाले िव ालय ह। इस कार कु ल 480 िव ालय म 3 से कम अ यापक ह। आं कड़ के अनुसार 06 िव ालय म शौचालय नह ह और 03 िव ालय म बािलकाओं के िलए शौचालय नह ह। एक और त य मह वपू ण है िक 1854 िव ालय म िबजली का कने शन ही नह है। 50 उपयु आं कड़ से कु छ अ य त य भी प ट होते ह, जो इस कार ह: अ य िजल के िव ालय क तु लना म यहाँ अभी भी आधारभूत सु िवधाओं का अभाव है । 480 से अिधक सरकारी मा यिमक/उ चतर मा यिमक िव ालय म 3 से कम अ यापक ह। ऐसे म िश ा क गुणव ा क बात नह क जा सकती। य िप मा यिमक तथा उ चतर मा यिमक िव ालय क सं या पया है परं तु सु द ूर े म ि थत िव ालय म रोज़मरा क पढ़ाई िसफ िदखावा मा है । यहाँ भी ामीण ने बताया क कु छ सुिवधा स प न प रवार के ब चे िनजी िव ालय म जाते ह परं तु शु क अिधक होने के कारण गरीब ब चे िनजी िव ालय म पढ़ाई हेतु नह जा पाते । iii. सामािजक एवं आिथक ि थित: िजन गां व का सव ण िकया गया वहाँ सामा यत: यह पाया गया िक अभी भी बहत कम लोग के घर म शौचालय ह। लोग खुले म ही शौच के िलए जाते ह। अ य िजल क भां ित यहाँ भी जो अं बेडकर गां व ह, जहाँ सरकार ने शौचालय बनवाकर िदये, लेिकन अिधकतर योग म नह आते ह। ये शौचालय उपले, लकिड़याँ रखने के काय म यु होते िदखे या िफर बं द िदखाई िदये। कु छ पुराने कु एँ भी देखे गए जो ायः चलन म नह ह । गाँव म पर परागत प से जाित के आधार पर पुरव / टोल क उपि थित देखी गयी। यह िभ नता उनक आिथक ि थित व रहन-सहन म भी िदखाई दी। सव ण के दौरान क चे और प के दोन कार के घर पाये गये । कु छ पुरव म तो अिधकतर घर क चे ही पाये गये जो मू लतः अनुसू िचत जाित वग के थे। इन े म पीने के पानी के िलए अिधकतर लोग हडप प का योग करते ह। इन े म िबजली औसतन 6-7 घं टे ही रहती है । अिधकां श लोग मोबाइल फोन का योग करते ह परं तु 51 यह भी पाया गया िक अिधकां श सं या म घर म टीवी नह है । यह भी पता चला िक गाँव क अिधकां श लड़िकयां अब पढ़ाई कर रह ह । अिभभावक भी इस सं बं ध म जाग क िदखे। यह जाग कता अपे ाकृ त गरीब प रवार म भी देखी गयी। गां व क लगभग सभी लड़िकयां 8व -10व तक तो पढ़ लेती ह, लेिकन इसके प चात वह नह पढ़ पाती य िक उनके गां व के आस पास कोई सरकारी या अ छा इं टर कॉलेज और िड ी कॉलेज नह ह । 4. सा ा कार अनु सू ची के आधार पर िजले क सामािजक, आिथक व शै ि क ि थित; वहाँ के ब च ारा यावसाियक िश ण के िलए य क गय िचयाँ; उन ब च तक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान क पहँच स ब धी ि थित व िजले के सं दभ म रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को सु झाव:सव ण म सि मिलत ब च का आयु वग 14 से 19 वष है, सव ण म भाग लेने वाले ब च म 15% लड़के तथा 85% लड़िकयां ह । आकड़ से यह भी प ट हआ है िक 44.18 % ब च के माता-िपता मज़दूरी करते ह, जबिक 41.86 % ब च के माता िपता कृ िष काय करते ह, के वल 13.95 % ब च के माता-िपता िकसी वैतिनक रोजगार या सरकारी नौकरी म पाये गए, शेष क अपनी दुकान या व-रोजगार है । चयिनत सभी ब चे दो से अिधक भाई-बहन वाले ह और 41.86 % प रवार म लड़िकय क सं या लड़क से यादा है । 18.60 % ब च ने क ा 8 तक तथा 41.86 % ब च ने 10 तक तथा 39.53% ब च ने 12 तक क पढ़ाई क है । यह भी उ लेखनीय है िक सभी चयिनत ब चे अवसर िमलने पर आगे पढ़ने के इ छु क ह, जो यह दशाता है िक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के िव तार क वहाँ िकतनी सं भावनाएँ ह । सभी ब च ने बताया उनके आगे पढ़ने क इ छा इसिलए है य िक वे पढ़ाई करके नौकरी करना चाहते ह । उपयु िबं दुओं से िन कष 52 िनकाले जा सकते ह िक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान ारा िश ा को ार- ार तक पहं चाने का ल य ा त करने हेतु इस े म बहत सं भावनाएँ ह। कु छ अ य मह वपू ण िब दु िन नवत ह: ब च क यावसाियक िश ा स बधी ाथिमकताओं को देखा जाए तो प ट होता है िक 51.16% ब च क यावसाियक ाथिमकता िसलाई और कढ़ाई, 13.95 % ब च क ाथिमकता यू टीिशयन, 32.55 % ब च क ाथिमकता क यूटर, 11.62% ब च क ाथिमकता मोबाइल रपेय रं ग तथा 6.97% क ाथिमकता मेिडकल सं बं धी िश ण है। इस से यह िन कष िनकाला जा सकता है िक यावसाियक िश ा के े म िसलाई-कढ़ाई, यू टीिशयन, क यूटर, मोबाइल रपेय रंग आिद िवषय अ यं त मह वपूण ह और रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को इन िवषय म इस िजले म यावसाियक िश ा क थािपत करने क आव कता है । नोट: अ ययन हेतु चयिनत सम त िजल म िश ा क ि थित के सं बं ध म तु त आं कड़े http://www.dise.in/Dise2001/Reports/2014-15/Report_UP2014-15.pdf से िलए गए ह। 53 9.0 अ ययन के िन कष िजलावार आं कड़ के िव े षण और अ ययन के उपरां त िन कष कोिन निलिखत दो शीषक के मा यम से य िकया जा रहा है: 9.1. िजल क भौितक सुिवधाओं, शैि क ि थित तथा सामािजक-आिथक ि थित का तु लना मक िच ण 9.2. ाथिमक और ि तीयक उ े य के प र े य म िन कष 9.1. िजल क भौितक सु िवधाओ ं, शैि क ि थित तथा सामािजक-आिथक ि थित का तु लना मक िच ण चयिनत िजल क जनसं या एवं सा ारता के तु लना मक आं कड़े 9.1.1. आव यक भौितक सु िवधाओं व उससे सं बं िधत सेवाओं क ि से सभी िजल क ि थितय क िववे चना तु त अ ययन म उ र देश के आठ िजल फ़ै ज़ाबाद, सु तानपुर , अमेठी, रायबरे ली, अ बेडकरनगर, गोरखपु र, बिलया एवं देव रया का चयन िकया था । इनम से गोरखपुर और फ़ै ज़ाबाद िजला मु यालय के साथ साथ म डल मु यालय भी ह । गोरखपुर उ र देश का पु राना म डल है और फ़ै ज़ाबाद नवोिदत । इसी कार से फ़ै ज़ाबाद, 54 सु तानपु र, रायबरे ली, गोरखपु र, बिलया एवं देव रया उ र देश के पु राने िजले ह, जो िक पया सश माने जाते ह। अमेठी और अ बेडकरनगर नवोिदत िजले ह, जो पड़ोस के िजल म से कु छ तहसील को िमला कर िनिमत िकए गए ह । ये आठ िजले आठ सं सदीय े का ितिनिध व करते ह । फ़ै ज़ाबाद म डल कायालय उ र देश क राजधानी लखनऊ के िनकटवत िजले फ़ै ज़ाबाद म ि थत है। गोरखपुर म डल कायालय िहमालय क तराई े म ि थत गोरखपुर िजले म आता है । इसी कार से फ़ै ज़ाबाद, सु तानपु र, रायबरे ली, गोरखपु र, बिलया एवं देव रया िजल के मु यालय अपने नाम के थान (तहसील ) म ही ि थत ह, जबिक अ बेडकरनगर का मु यालय अकबरपुर तहसील म ि थत है और अमेठी का मु यालय गौरीगं ज तहसील म ि थत है। यहाँ पर यह यान देने यो य है िक अमेठी िजला ना होने क अव था म भी ार भ से ही सं सदीय े रहा है। बिलया और देव रया ये दोन िजले िबहार क सीमा पर ि थत ह; वह गोरखपुर नेपाल क सीमा को पश करता है । इस कार इन िजल पर िबहार और नेपाल के सं बं ध का भाव प प से ि गोचर होता है। रायबरे ली िजला, उ र देश क राजधानी लखनऊ के मु हाने पर ि थत है इसिलए इस िजले पर राजधानी का भाव प िदखता है। इन िजल से रा ीय राजमाग भी होकर गु जरते ह। रा यमाग क उपल धता भी पया है। इसके बाद भी इन िजल का अ य प से सं बं िधत भौितक िवकास िजतना होना चािहए था, उतना नह हो सका। य िप इन िजल म क और रा य सरकार के अनेक ित ान थािपत ह, िफर भी भौितक तथा आधारभूत सं रचना के िवकास का अभाव िचं तनीय है। एक ओर जहाँ शहर म मू लभूत सु िवधाओं का अभाव िदखता है, वह गाँव म तो इनक उपल धता ना के बराबर है। इन थान म सड़क क ि थित या तो बहत बु री है या कई े को प के सड़क माग से जोड़ा ही नह गया है। अमेठी िजले म गोमती नदी ितवष अनेक सीमावत गाँव क भूिम और सड़क को अपने वाह से काट देती है। निदय पर पु ल के अभाव के कारण भी शहर तक पहँच मु ि कल है। बरसाती िदन म यह ि थित बद से बदतर हो जाती है। गाँव म ाथिमक िव ालय, ाथिमक वा य के , व छ पेयजल, शौचालय एवं िबजली जैसी मू लभूत सु िवधाओं का िनतां त अभाव है। सव ण के दौरान थानीय नाग रक से वातालाप के दौरान ये बात यान म आय िक अनेक प रवार ने अपने ब चे अपने र तेदार के यहाँ पर छोड़े हए ह, िजससे उनके ब चे एक अ छे मूलभूत सु िवधाओं वाले जीवन को ा कर सक। नाग रक ने यह भी बताया िक इस े ने देश क राजनीित क ि से भी भारत क सं सद म अनेक यश वी नेताओं को अपने ितिनिध के प म चु न कर भेजा है, जैसे वग य िफरोज गाँधी, वग य इंिदरा गां धी, वग य राजीव गाँधी, वग य सं जय गाँधी एवं वग य च शेखर। इनम से तीन ने तो देश के धानमं ी के पद को भी सु शोिभत िकया है । साथ ही ीमती सोिनया गाँधी, 55 कै टन सतीश शमा, ी राहल गाँधी, डॉ० सं जय िसं ह, ी व ण गाँधी एवं योगी आिद यनाथ, आिद वतमान म इस े के मु ख नेतृ वकता ह। इसके बावजूद भी इस े का जो ु तगामी िवकास होना चािहए था, वह नह हआ है। इस े म ाकृ ितक सं साधन, मानव सं साधन एवं सश रा ीय नेत ृ व होने के उपरा त भी यह े आज भी अपने िवकास क बाट जोह रहा है तथा अपने िपछड़े पन के कारण को ढूं ढ़ रहा है, जो िक सम त यव था पर एक बड़ा खड़ा करता है। इनम से अमेठी िजले म तो कई थानीय िनवािसय ने यहाँ तक कहा िक उ ह आज भी नदी और कु ओं का जल पीना पड़ता है। थानीय िनवािसय ने सव ण दल को यह भी बताया िक सड़क क जो खराब हालत आप देख रहे ह वह बरसात म भयावह हो जाती है, पानी भरे गड् ढ से यु सड़क से शहर पहँच पाना अ यं त मु ि कल होता है और ऐसे म िकसी बीमार या ज रतमं द यि का समय से शहर पहँच पाना बहत क द होता है। 9.1.2. शै ि क ि थित क ि से सभी िजल क ि थितय क िववेचना जैसा िक ऊपर विणत है िक शोध हेतु चयिनत सभी िजले बहत पु राने ह और इनका ऐितहािसक, राजनीितक एवं सां कृ ितक मह व है। इन आठ िजल म दो िव िव ालय एक फ़ै ज़ाबाद म तथा एक गोरखपुर म ि थत ह। इसके अित र इं जीिनय रं ग िव िव ालय, मेिडकल कॉलेज और पॉलीटेि नक कॉलेज भी िव मान ह। हाल के वष म दो के ीय िव िव ालय क घोषणा क गयी है। य िप इन े म अनेक सरकारी एवं गै र सरकारी महािव ालय, उ चतर मा यिमक िव ालय, मा यिमक िव ालय तथा ाथिमक िव ालय ह तथािप इस े क शैि क अव था बहत िचं तनीय है । सं पणू देश म सविश ा अिभयान डे ढ़ दशक से चल रहा है और ‘रा ीय मा यिमक िश ा अिभयान’ भी िवगत कई वष से मा यिमक िश ा के उ नयन के िलए किटब है। िश ा अिधकार अिधिनयम 2009 भी 2010 से येक 8 से 14 वष के बालक को अिनवाय िश ा देने के िलए य नशील है। इसम सविश ा अिभयान के अ तगत एक िकलोमीटर पर एक ाथिमक िव ालय, येक तीन िकलोमीटर पर एक मा यिमक िव ालय क थापना िकया जाना अिनवाय है। साथ ही ‘रा ीय मा यिमक िश ा अिभयान’ के अ तगत येक पांच िकलोमीटर पर एक मा यिमक िव ालय तथा येक सात िकलोमीटर पर एक उ चतर मा यिमक िव ालय क थापना क योजना है। लेिकन, सव ण दल ने जब इस े का सव ण िकया तो पाया िक या तो िव ालय योजना के अनु सार ह ही नह , यिद ह तो वे बं द ह या उनक दशा अवणनीय है। उ च िश ा क भी यही दशा है। सवािधक आ य का िवषय यह है िक कु छ थान पर िव ाथ म यान भोजन एवं छा वृित के िलए सरकारी िव ालय म पं जीकृ त तो ह िक तु अ ययन िनजी े के िव ालय म करते ह, 56 िजसके प रणाम व प े म पं जीकरण क सं या म एवं वा तिवक िव ािथय िक सं या म िभ नता पायी जाती है य िक एक ही िव ाथ दो सं थाओं म पं जीकृ त होता है। रा ीय तर क सं थाएँ, जो यावसाियक िश ण िश ण के ि कोण से सि य ह उनका भी प रचय व त स ब धी सु िवधा नाग रक तक नह पहँच पा रही है । य िप कु छ के ीय िव ालय इस े म उपल ध ह तथािप इनक पहँच ामीण समु दाय तक नह है। बािलकाओं क िश ा के ि से भी कोई कारगर कदम इस े म नह उठाये गए ह। फ़ै ज़ाबाद, गोरखपु र, बिलया और रायबरे ली के अित र अ य तीन िजले देव रया, अमेठी तथा अ बेडकर नगर क दशा बहत सोचनीय है। इन तीन म भी सवािधक िचं ता का िवषय अमेठी का शैि क प र य है। इस े ने ल बे समय तक देश क सं सद म शीष नेत ृ व को थान दान िकया है िफर भी इस े का शैि क िवकास उनक भावना के अनु प प रलि त नह होता है । बािलकाओं के िलए दूर-दू र तक िव ालय का अभाव िदखता है, वह आवागमन के साधन भी ना के बराबर ह। अमेठी म िश ा क ि थित के िवषय म थानीय नाग रक ने बताया िक हालात इतने बुरे ह िक उ ह अपने ब च को िश ा देने के िलए दूसरे िजल म रखना पड़ता है। कु छ गाँव से यि गत यास के ारा बािलकाएँ िव ालय जाती ज र ह, लेिकन यवि थत माग के अभाव म उ ह अनेक किठनाइय का सामना करना पड़ता है। े म आज भी बािलकाओं के ारा पशु ओ ं क देखभाल तथा खेती व मज़दूरी स ब धी काय करना आम बात है। इस कार के अनेक िवषय इस े के िवकास पर बड़े खड़ा करते ह । 9.1.3. सामािजक एवं आिथक ि थित क ि से सभी िजल क ि थितय क िववेचना इस े म िकए गए सव ण के आधार पर सव क के स मुख यह प हआ िक इस े (देव रया, अमेठी तथा अ बेडकर नगर; िवशेष प से अमे ठी) के सामािजक एवं आिथक िपछड़े पन के िलए शैि क प र य एवं राजनीितक इ छा शि िज मेदार ह। िवगत कई दशक के अनुभव के आधार पर े के नाग रक से वाता करने के उपरा त यह यान म आया िक इस े का भावना मक शोषण यादा हआ है, चाहे वह राजनेताओं ने िकया हो या धािमक लोग ने। जो े ाकृ ितक प से समृ है, वह भला आिथक एवं शैि क प से द र कै से हो सकता है? य िप इस े म क ीय और रा य सरकार के ारा थािपत अनेक सावजिनक े के उप म ि याशील ह िक तु इनक सि यता ने यहाँ क सामािजक और शैि क प र य बदलने म कोई भूिमका िनवहन नह क है; य िक जो सावजिनक इकाइयाँ यहाँ पर थािपत क गय उनका सं बं ध यहाँ के जन और जमीन से कम, राजनीित से अिधक रहा है; इसिलए ना तो यहाँ पर ये इकाइयाँ ह पनप पाय और ना ही जनता। अ य िजल 57 क तु लना अमेठी से करने पर यह प होता है िक अ य िजल के िवकास म राजनीितक इ छा शि का बल हाथ रहा है। उदाहरण के िलए हम बिलया, अमेठी और गोरखपुर क तु लना कर सकते ह। अमेठी म 11 बार एक ही प रवार से सं बं िधत यि भारतीय सं सद का ितिनिध व करते रहे जो िक देश क सबसे बड़ी पाट से सं बं िधत थे; िफर भी, िवकास के सभी आयाम पर यह े सवािधक िपछड़ा हआ है; वह दूसरी ओर गोरखपुर और बिलया का ितिनिध व ऐसे यि य के ारा िकया गया जो भारतीय सं सद म ल बे समय तक तो रहे िक तु उनके दल शासन का िह सा कम समय तक रहा िफर भी उन े का िवकास अमेठी क तु लना म कह अिधक हआ है। इन े क जनता िवकास के ि कोण से कह यादा सि य भूिमका िनवहन करती है । सव ण के दौरान यह ि गोचर हआ िक िवकास को लेकर सवािधक इन े से ही आए। वाभािवक ही है िक यिद समाज करता है तो समाधान ाि का िवक प उसके पास होता है । लेिकन जो समाज कभी िह सा भी नह होता। अमेठी े क जनता को नह करता, वह समाधान का के ित जाग क करने म वहाँ का नेतृ व असफल रहा है इसिलए समाधान भी नह बन पाएँ ह। िश ा जो आलोचना मक चेतना िवकिसत करती है तथा मु ि के माग श त करती है (सा िव ा या िवमु ये), उस िश ा के अभाव म इस िपछड़े े म ना तो िवकास को लेकर नेतृ व से खड़े िकए जा रहे ह और ना ही अिश ा, गरीबी व बे रोजगारी से मुि का माग ही श त हो पा रहा है। सव ण दल ने जब अमेठी के मिहला धान से बात करने का यास िकया तो वे उ च जाित वग से होते हए भी सामािजक िढ़य के कारण बात करने के िलए सामने नह आय । दल से बात करने के िलए धान पित तथा उनके प रवार के लोग ही सामने आये, वह बिलया िजले म अनु सू िचत जाित और िपछड़े वग क मिहला धान ने भी सव ण दल के सम खुलकर अपनी बात रखी। इस कार के उदाहरण से अमे ठी म सामािजक िपछड़ापन प तः प रलि त हो रहा था। रोजगार के अवसर के अभाव तथा सरकारी योजनाओं तक आम जन क पहँच के अभाव म अमे ठी िजले क आिथक दशा भी अ य िजल क तु लना म बदहाल िदखी। 58 9.2. ाथिमक और ि तीयक उ े य के प र े य म िन कष ाथिमक और ि तीयक उ े य के म म िन कष को यवि थत करने पर उ ह िन निलिखत प से य िकया जा सकता है: िविभ न िजल के ामीण े म अ ययन के उपरां त ये कहा जा सकता है िक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान (एन. आई. ओ. एस.) के मा यिमक और उ चतर मा यिमक काय म हेतु मु य लि त समू ह बािलकाएँ होनी चािहए य िक अिधकां श े म बालक तो 12व तक क िश ा के अवसर का लाभ ले पा रहे ह परं तु बािलकाएँ िव ालय दूर होने, माता-िपता क आिथक ि थित ठीक न होने, ज दी िववाह होने आिद के कारण मा यिमक और उ चतर मा यिमक से वं िचत रह जा रही ह। बहत से माता-िपता बािलकाओं को बड़े होने के बाद अके ले दूर िव ालय नह भेजना चाहते इसिलए भी वे िश ा के अवसर से वं िचत रह जा रही ह। इन े म बालक यावसाियक काय म के िलए मु य लि त समू ह के प म पाये गए। यिद बािलकाओं क शैि क तथा यावसाियक अिभ िचय क बात क जाए तो अ ययन से प होता है िक अिधकां श बािलकाएँ मा यिमक और उ चतर मा यिमक िश ा को रोजगार परक यावसाियक िश ा से जोड़ कर देख रह ह, अतः यह कहा जा सकता है िक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को अपनी मा यिमक और उ चतर मा यिमक िश ा को यावसाियक िश ा से जोड़ कर देना चािहए। यिद बािलकाओं क यावसाियक अिभ िचय पर ि डाली जाए जो अिधकांश बािलकाओं ने िसलाई, कढ़ाई और यू टीिशयन तथा कु छ ने क यूटर तथा अ यापन के ित अपनी अिभ िच दिशत क है। कु छ एक थान पर बािलकाओं ने निसग जैसे िवषय म भी अपनी िच दिशत क है। बालक म यावसाियक े को लेकर िच देखी गयी और वे यावसाियक काय म म वेश को लेकर अिधक उ सािहत थे। बालक ने क यूटर, मोबाइल रपेय रं ग, इलेि िशयन, मोटर-मेकेिनक, पैरामेिडकल आिद े म अपनी िच दिशत क । जहाँ तक पू व उ र देश म रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान (एन. आई. ओ. एस.) क पहँच तथा िव तार के अवसर का है। अ ययन के उपरां त ये कहा जा सकता है िक रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान क पहँच वहाँ नह के बराबर है। जन सामा य ने इस सं था का नाम भी नह सुना है और 59 उसके िवषय म बहत कम लोग जानते ह। सामा य िश ा के साधन क सीिमत उपि थित और दूर थ गाँव तक पहँच न होने के कारण वहाँ रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान के िलए िव तार क असीम सं भावनाएं है। न के वल पारं प रक मा यिमक और उ चतर मा यिमक काय म वरन यावसाियक काय म म भी िवकास के अ छे अवसर उपि थत ह, परं तु इसके िलए एक िविश काय योजना क आव यकता है। अ ययन के ि तीयक उ े य के अनु सार इस शोध के िन कष को िन न प से देखा जा सकता है: पूव उ र देश के िविभ न िजल म सं बं िधत शोध के उपरां त एक बात तो प है क ामीण े म सामािजक-आिथक सं रचना कमोवेश एक जैसे ही है। सभी िजल म जाित था और सामं तवादी सोच अभी भी कायम ह। उ च जितय तक ही अिधकांश क याणकारी योजनाओं का लाभ पहँच रहा है। सामािजक भेदभाव भी छ न प म िदखाई देता है। ‘बाबू साहब’ जैसे िवशेषण आज भी सामा य प से चलन म ह। िपछड़ी और अनु सू िचत जितय के बाह य वाले गाँव क ि थित िचं तनीय है, के वल उन गाँव म थोड़ा बहत आधारभू त ढां चा िवकिसत है जो कभी अं बेडकर गाँ व रहे ह। ऐसे गाँव म पेयजल और शौचालय क यव था नह है। यही हाल उन गाँव का भी है, जो नदी िकनारे ि थत ह और जहाँ िनषाद या अ य िपछड़ी जाितयाँ िनवास करती ह। ऐसे कु छ गाँव तक तो कोई सु लभ सं पक माग भी नह है। इस आधार पर अ ययन म सि मिलत 8 िजल म अ बेडकरनगर, दे व रया और अमे ठी सबसे िपछड़े िजले पाये गए ह। अमेठी िजले म तो कु छ लोग आज भी गोमती नदी का पानी पीते ह और वहाँ तक सीधे जाने के िलए नदी पर कोई पुल भी नह ह। अतः वहाँ पहँचने के िलए कई िकलोमीटर क अित र या ा करनी पड़ती है। वहाँ न तो िश ा के साधन ह और न ही वा य क । पूव उ र देश के िचि हत िजल के 14 वष से अिधक आयु वग के िजन बालक-बािलकाओं से आं कड़े एक िकए गए, उनम से अिधकां श के प रवार क सामािजक-आिथक ि थित अ यं त िन न तर क है। बहत से ब च ने पढ़ाई छोड़ने का कारण माता-िपता का िव ालय को शु क न दे पाना या पढ़ाई के अ य खच न उठा पाना बताया। आज भी वे िम ी के बने क चे घर म रहते ह। उनके प रवार म भाई बहन क सं या अिधक है। अिधकां श के माता-िपता मज़दूरी करते ह और अपना जीवन िनवाह करते ह परं तु उन सब म िश ा के ित उ साह और ललक देखी गयी। 60 एक मह वपू ण िबं दु यह भी है क इतनी गरीबी के बाद भी सभी के पास मोबाइल फोन है परं तु खाना आज भी चू हे पर ही बनता है और घर म शौचालय नह ह। यह भी देखा गया िक कु छ स प न प रवार म घर म ै टर, कार आिद भी है और प के मकान भी ह पर शौचालय नह ह। कई गाँव म ब चे सरकारी िव ालय के साथ साथ आस-पास के िनजी िव ालय म भी नामां िकत ह। माता-िपता ने बताया िक सरकारी िव ालय म पढ़ाई नह होती; वहाँ एक-या दो अ यापक होते ह जो इधर-उधर सरकारी कागजात को भरने के काम म ही दौड़ते-भागते रहते ह और िश ा िम का अिधकां श समय म याहन भोजन बनवाने म िनकल जाता है। भोजन िवतरण के बाद छु ी हो जाती है। बड़े गाँव म का वट कू ल जैसे छ नाम वाले ाइवेट िव ालय खुले हए ह, जहाँ 100-200 पये ित माह के शु क पर ब चे पढ़ने जाते ह परं तु ये देखा गया िक ऐसे िव ालय म लड़क क सं या लड़िकय से बहत अिधक है और माता-िपता ऐसे िव ालय के दूर होने के कारण लड़िकय को वहाँ नह भेज पाते। एक बात प प से कही जा सकती है िक ामीण े म भी सरकारी िव ालय क िश ा यव था से आम-जन का भरोसा उठ चु का है। पूव उ र देश के िचि हत िजल क 14 वष से अिधक आयु के बालक-बािलकाओं क शैि क आव यकताएँ लगभग एक जैसी ह। जहाँ बािलकाओं को मा यिमक और उ चतर मा यिमक िश ा के साथ साथ रोजगार परक यावसाियक िश ा क भी आव यकता है, वह बालक को रोजगार परक यावसाियक िश ा देने क आव यकता है। पूव उ र देश के िचि हत िजल क 14 वष से अिधक आयु के बालक-बािलकाओं म यावसाियक िश ा के ित जाग कता का अभाव है और बहत से यवसाय के िवषय म वो जानते भी नह ह। उनके िलए यावसाियक िश ा का अथ आईटीआई म िमलने वाली ेिनं ग या क यू टर ेिनंग तक ही सीिमत है। बािलकाओं क यावसाियक अिभ िच िसलाई, कढ़ाई और यू टीिशयन, क यूटर तथा अ यापन म है। कु छ बािलकाओं ने निसग जैसे िवषय म भी अपनी िच दिशत क है। बालक ने क यू टर, मोबाइल रपेय रं ग, इलेि िशयन, मोटर-मे केिनक, पैरामे िडकल आिद े म अपनी िच दिशत क । 61 10 . रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान हेतु सु झाव रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान (एन. आई. ओ. एस.) के मा यम से लि त समू ह क शै ि क तथा यावसाियक िश ा सं बं धी आव यकताओं क पू ित हेतु िन निलिखत सु झाव िदये जाते ह: रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को पूव उ र देश म अपनी पहचान थािपत करने और जन सामा य तक अपनी पहँच बनाने के िलए उिचत थानीय चार तं का सहारा लेना चािहए और सुचा प से एक चार अिभयान चलाना चािहए। रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान ारा पूव उ र देश म कम से कम एक े ीय क थािपत करने क आव यकता है, जो देव रया, अमेठी या अंबेडकरनगर जैसे िपछड़े िजले म हो। रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को अपनी पारं प रक प ित से इतर कु छ नया करने क आव यकता है य िक गाँव-गाँव तक वेश के अवसर उपल ध कराने ह गे और इसके िलए शहरी े म ि थत अ ययन क क यव था बहत तक सं गत तीत नह होती। रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को गाँ व-गाँव म वेश हेतु बालक बािलकाओं को जाग क करने, उनका वेश सुिनि त करने तथा उन तक अिधगम साम ी क पहँच सु िनि त करने के िलए अित र करने ह गे। साथ ही परामश स को अ ययन के यास पर आयोिजत करने के थान पर रे िडयो या टेिलिवजन या मोबाइल िविडयो के प म अथवा यिद सं भव हो तो सचल िविडयो वाहन के मा यम से ाम-पं चायत के पर आयोिजत करना चािहए। यावसाियक िश ा से जुड़े काय म म वेश लेने वाले ब च के ायोिगक िश ण क यव था सु िनि त क जाए और यिद सं भव हो तो आवासीय यव था म 15-21 िदन के िश ण स आयोिजत िकए जाएँ। रा ीय मु िव ालयी िश ा सं थान को अपने “फ़े ल िव ािथय को पास कराने वाले बोड” क नकारा मक छिव तोड़ने का यास करना चािहए और गु णव ापूण िश ा को सु लभ कराने वाली सं था के प म अपनी पहचान बनाने हेतु रणनीित तैयार करनी चािहए। उपयु के सं दभ म पूव उ र देश म काययोजना बनाकर उसे “प रयोजना” के प म मु यालय क िनगरानी म सं चािलत करने और समय-समय पर उसके आं त रक और बा मू यां कन क यव था करने का काय िकया जा सकता है। 62
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