॥ हयग्रीव संपदास्तॊत्रम ॥ हयग्रीव हयग्रीव हयग्रीवॆतत वाददनम । नरं मंचंतत पापातन दररद्रममव यॊषितः ॥ १ ॥ हयग्रीव हयग्रीव हयग्रीवॆतत यॊ वदॆ त । a. c om तस्य तनस्सरतॆ वाणी जह्नकन्याप्रवाहवत ॥ २ ॥ हयग्रीव हयग्रीव हयग्रीवॆतत यॊ ध्वतनः । ou si gm षवशॊभतॆ स वैकं ठकवाटॊद्घाटनक्षमः ॥ ३ ॥ श्लॊकत्रयममदं पण्यं हयग्रीवपदांककतम । w .y वाददराजयततप्रॊक्तं पठतां संपदां पदम ॥ ४ ॥ ॥ w w ॥ इतत श्रीमद्वाददराजपूज्यचरणषवरचचतं हयग्रीवसंपदास्तॊत्रं संपूणम ण
© Copyright 2026 Paperzz