ब्रह्म सूक्तम ् ब्रह्म जग्यानम ् प्रथमम ् परु स्तात ् । वि सीमतह् सरु ु चो िेन आिह । स बुध्ननया उपमा अस्य विश्ठाह । सतश्च योननमसतश्च वििह ॥१ वपता विराजाम्रश ु भो रयीणाम ् । अन्तररक्शम ् विश्िरूप आवििेश । तमर्कैरभ्यचचध्न्त िथ्सम ् । ब्रह्म सन्तम ् ब्रह्मणा िर्चयन्तह ॥२ ब्रह्म सूक्तम ् om ब्रह्म दे िानजनयत ् । ब्रह्म विश्िममदम ् जगत ् । a. c ब्रह्मणह् क्शत्रम ् ननममचतम ् । ब्रह्म ब्राह्मण आत्मना ॥३ अन्तरध्स्मध्न्नमे लोर्काह् । अन्तविचश्िममदम ् जगत ् । gm ब्रह्मैि भूतानाम ् ज्येश्ठम ् । तेन र्कोअहचनत स्पर्र्चतुम ् ॥४ ou si ब्रह्मन ् दे िास्त्रयध्स्त्रग््शत ् । ब्रह्मध्न्नन्र प्रजापती । ब्रह्मन ् ह विश्िा भूतानन । नािीिान्तह् समाहहता ॥५ .y चतस्र आशाह् प्रचरन्त्िग्नयह् । इमम ् नो यग्यम ् नयतु प्रजानन्न ् । w w w घ्रुतम ् वपन्िन्नजरग्म ् सुिीरम ् । ब्रह्म सममद्भित्याहुतीनाम ् ॥६
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