इबोला (Ebola) इबोला, जिसे पहले इबोला रक्तस्रावी बुखार के रूप में िाना िाता था, इंसानों और गैर-इन्सानी स्तनपायी िीवों (िैसे कक बंदरों, गोररल्लाओं, चिमपांजियों) में एक गमभीर, व प्राय: घातक बीमारी है । इबोला, किलोववररडे (Filoviridae) िैममली के इबोलावायरस (Ebolavirus) प्रिातत के वायरस से संक्रमण की विह से पैदा होने वाली एक दल ल और घातक बीमारी है । इबोलावायरस की पााँि प्रिाततयों की पहिान हो िुकी है , जिनमें से िार प्रिाततयों, ज़ैर (Zaire) ु भ इबोलावायरस; सूडान (Sudan) इबोलावायरस; ताइ िोरे स्ट (Tai Forest) इबोलावायरस, जिसे पूवल में कोत डडवॉयर (Cote d'ivoire) इबोलावायरस कहा िाता था; और बुंडडबुज्ञो (Bundibugyo) इबोलावायरस ने इंसानों में बीमारी पैदा की है । पााँिवीं प्रिातत रे स्टन (Reston) इबोलावायरस गैरइन्सानी स्तनपायी िीवों में , लेककन इंसानों में नहीं, इस बीमारी का कारण है । इबोला कई अफ्रीकी दे शों में पाया िाता है । पहली इबोला प्रिातत 1976 में इबोला नदी के पास पायी गयी थी िो अब कॉन्गो लोकतांत्रिक गणराज्य है । तब से, इसके प्रकोप छुटपुट रूप से अफ्रीका में प्रकट हुए हैं। इबोला का प्राकृततक मेिबान भंडार अभी तक अज्ञात है । किर भी, उपलब्ध साक्ष्य और इसी तरह के वायरस की प्रकृतत के आधार पर, शोधकतालओं का मानना है कक यह वायरस पशु-ितनत है और िमगादडों में इसका भंडार होने की सबसे अचधक समभावना है । पााँि उप-प्रकारों में से िार अफ्रीका के मल ू वासी मेिबान िानवर में होते हैं। संचारण िाँकू क इबोला के प्राकृततक मेिबान भंडार का अभी तक पता नहीं िला है , इसमलए इसके प्रकोप की शुरुआत में यह वायरस जिस ढं ग से पहली बार ककसी व्यजक्त में प्रकट हुआ, वह अज्ञात है । हालांकक, शोधकतालओं का मानना है कक पहला रोगी ककसी संक्रममत िानवर के समपकल में आने के िररये संक्रममत हुआ है । िब मनष्ु यों में संक्रमण होता है , तो यह वायरस कई तरीकों से दस ू रों में िैल सकता है । इनमें शाममल हैं: इबोला रोग से ग्रस्त व्यजक्त के खून या उसके शरीर के तरल पदाथों (जिनमें मल, लार, पेशाब, उल्टी और वीयल शाममल हैं, लेककन इन्हीं तक सीममत नहीं है ) के सीधे समपकल में आना ककसी संक्रममत व्यजक्त या संक्रममत िानवर के खन ू या उसके शरीर के तरल पदाथों से दवू ित हो िक ु ी वस्तओ ु ं (िैसे सइ ु ंयों और मसररंिों) के समपकल में आना खून और शरीर के तरल पदाथों में मौिूद वायरस ककसी दस ू रे व्यजक्त के शरीर में िटी हुई त्विा या असंरक्षित श्लेष्मा झिजल्लयों, उदाहरण के मलए, आाँखों, नाक, या माँुह के िररये प्रवेश कर सकता है । ऐसे वायरस जिनके कारण इबोला रोग पैदा होता है अक्सर पररवारों और ममिों के बीि िैलते हैं , क्योंकक वे बीमार व्यजक्तयों की दे खभाल करते समय उनके खन ू या शरीर के तरल पदाथों के तनकट समपकल में आते हैं। इबोला के प्रकोप के दौरान, यह रोग हे ल्थकेयर सेटटंग्स, िैसे कक जक्लतनक्स या अस्पतालों में तेिी के साथ िैल सकता है । ऐसी हे ल्थकेयर सेटटंग्स में िहााँ पर अस्पताल के स्टाि ने समुचित सुरिात्मक कपडे, जिनमें मास्क, गाउन, दस्ताने, और नेि सुरिा उपकरण शाममल हैं, नहीं पहने हुए हों, इबोला के समपकल में आने की समभावना हो सकती है । इबोला रोग से ग्रस्त ककसी व्यजक्त के मलए दे खभाल प्रदान करने वाले हे ल्थकेयर काममलकों के द्वारा समवपलत चिककत्सा उपकरण (िहााँ तक समभव हो सके, डडस्पोिेबल यातन उपयोग करके िेंकने योग्य) इस्तेमाल करना िाटहये। सही सिाई और उपकरणों, िैसे कक सुइंयों और मसररंिों, का सही तनस्तारण भी महत्वपूणल है । अगर उपकरण डडस्पोिेबल नहीं हों, तो दोबारा प्रयोग में लाये िाने से पहले उन्हें National Center for Emerging and Zoonotic Infectious Diseases Division of High-Consequence Pathogens and Pathology (DHCPP) ववसंक्रममत ककया िाना िाटहये। समचु ित उपकरण िीवाणन ु ाशन के त्रबना, वायरस का संिारण या प्रसार िारी रह सकता है और वह प्रकोप को बढ़ा सकता है । संकेत और लक्षण िब तक लिण टदखायी नहीं दें , इबोला से संक्रममत व्यजक्त संक्रामक नहीं है । इबोला के संकेतों और लक्षणों में आमतौर पर शाममल हैं: बुखार (38.6°सेजल्सयस या 101.5° िारे नहाइट से अचधक) • • तेि मसरददल • मांसपेमशयों में ददल • उल्टी • दस्त • पेट में ददल • अस्पष्ट रक्तस्राव या िोट का नीला तनशान लिण इबोला वायरस के समपकल में आने के बाद 2 से लेकर 21 टदनों तक कभी भी टदखायी दे सकते हैं, लेककन औसत 8 से 10 टदनों का है । इबोला से रोगतनवजृ त्त रोगी की प्रततरिा समबन्धी प्रततकक्रया पर तनभलर करती हैं। इबोला संक्रमण से उबरने वाले लोगों में ऐंटटबॉडीि यातन रोग-प्रततरिी तत्व ववकमसत हो िाते हैं िो कम से कम 10 विों तक बने रहते हैं। सम्पकक में आने का जोखिम इबोला कई अफ्रीकी दे शों में पाया िाता है । 1976 के बाद से, इबोला के प्रकोप तनमनमलझखत दे शों में हुए हैं: कॉन्गो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) दक्षिण अफ्रीका (आयाततत) गैबॉन चगनी दक्षिण सूडान लाइबेररया आइवरी कोस्ट मसएरा मलयोन युगांडा सेनेगल नाइिीररया कॉन्गो गणराज्य (ROC) िाँूकक इबोला का प्राकृततक मेिबान भंडार, और मनुष्यों में इस वायरस के संिरण का ढं ग अभी तक अज्ञात है , इसमलए स्थातनक िेिों में िोझखम का आकलन मुजश्कल है । इबोला के प्रकोप के दौरान, जिन लोगों को सबसे अचधक िोझखम है उनमें हे ल्थकेयर कमी और इबोला से संक्रममत व्यजक्त के पररवारिन और ममि शाममल हैं। अफ्रीका में हे ल्थकेयर कममलयों को इन सेटटंग्स में संक्रमणों की रोकथाम और तनयंिण के तरीकों के बारे में िानने के मलए अफ्रीकी हे ल्थकेयर सेटटंग में वायरल रक्तस्रावी बुखारों के मलए संक्रमण तनयंिण से परामशल करना िाटहये। संयुक्त राज्य अमेररका में मेडडकल पेशेवरों को िानकारी हे तु अमेररकी अस्पतालों में इबोला रक्तस्रावी बुखार के ज्ञात या संटदग्ध भती रोचगयों के मलए संक्रमण रोकथाम और तनयंिण समबन्धी अनुशंसाओं को दे खना िाटहये। रोग-ननदान ककसी ऐसे व्यजक्त में, िो केवल कुछ ही टदनों से संक्रममत हुआ हो, इबोला रोग का तनदान करना कटिन है क्योंकक शुरुआती लिण, िैसे कक बुखार, इबोला संक्रमण के ही ववमशष्ट लिण नहीं हैं, बजल्क वे अक्सर मलेररया और टायिाइड बुखार िैसी आमतौर पर होने वाली बीमाररयों के रोचगयों में भी दे खे िाते हैं। किर भी, अगर ककसी व्यजक्त में इबोला के लिण हों और वह इबोला रोग से ग्रस्त ककसी व्यजक्त के खन ू या उसके शरीर के तरल पदाथों के समपकल में आया हो, इबोला रोग से ग्रस्त ककसी व्यजक्त के खून या उसके शरीर के तरल पदाथों से दवू ित हुई वस्तुओं के समपकल में आया हो, या संक्रममत िानवरों के समपकल में आया हो, तो उस रोगी को अलग कर टदया िाना िाटहये और सावलितनक स्वास््य के पेशेवर व्यजक्तयों को सूचित कर टदया िाना िाटहये। किर संक्रमण की पुजष्ट करने के मलए रोगी से नमूने एकत्रित ककये िा सकते हैं और उनके परीिण यातन उनकी िााँिें की िा सकती हैं। रोग-तनदान में प्रयक् ु त प्रयोगशाला परीिणों में शाममल हैं: संक्रमण का घटनाक्रम यानन टाइमलाइन लिणों के शुरू होने के बाद कुछ ही टदनों के भीतर रोग-ननदान सम्बन्धी उपलब्ध जााँचें - एंटटिन-कैप्िर एंज़ाइम-मलंक्ड इमयूनोसोबेंट (ELISA) परीिण - IgM ELISA - पोलीमरे ज़ िेन ररएक्शन (PCR) - वायरस पथ ृ क्करण बाद में रोग की अवचध में या रोगतनवजृ त्त के बाद - IgM और IgG ऐंटटबॉडीि मत ल भावी ढं ग से ृ क रोचगयों में पूवप्र - इमयूनोटहस्टोकेममस्री परीिण - PCR - वायरस पथ ृ क्करण उपचार वतलमान में ऐसे कोई ववमशष्ट टीके या दवाइयां (िैसे कक एंटीवायरल दवा) उपलब्ध नहीं हैं िो इबोला के झखलाि कारगर सात्रबत हुई हों। इबोला के लिणों का उनके प्रकट होने के अनुसार उपिार ककया िाता है । तनमनमलझखत बुतनयादी हस्तिेपी उपिार, शीघ्र प्रयोग में लाये िाने पर, िीववत रहने की समभावनाओं में कािी सध ु ार ला सकते हैं: o नस के भीतर तरल पदाथल उपलब्ध कराना और इलेक्रोलाइट्स (शरीर के लवणों) को संतुमलत करना o ऑक्सीिन की जस्थतत और रक्तदाब को बनाये रखना o अन्य संक्रमणों के होने पर उनका उपिार करना इबोला का समय पर उपिार महत्वपूणल लेककन िुनौतीपूणल है क्योंकक संक्रमण की प्रारजमभक अवस्थाओं में रोग का नैदातनक रूप से तनधालरण कर पाना मुजश्कल है । िाँूकक शुरुआती लिण िैसे कक मसरददल और बुखार केवल इबोलावायरस के ही ववमशष्ट लिण नहीं हैं, इसमलए इबोला के मामलों में शुरुआती तौर पर गलत रोग-तनदान हो सकता है । किर भी, अगर ककसी व्यजक्त में इबोला के लिण हों और वह इबोला रोग से ग्रस्त ककसी व्यजक्त के खून या उसके शरीर के तरल पदाथों के समपकल में आया हो, इबोला रोग से ग्रस्त ककसी व्यजक्त के खून या उसके शरीर के तरल पदाथों से दवू ित हुई वस्तुओं के समपकल में आया हो, या संक्रममत िानवरों के समपकल में आया हो, तो उस रोगी को अलग कर टदया िाना िाटहये और सावलितनक स्वास््य के पेशेवर व्यजक्तयों को सूचित कर टदया िाना िाटहये। संक्रमण की पुजष्ट करने के मलए रोगी से नमूने मलये िाने तक समुचित सरु िात्मक कपडों के साथ सहयोगात्मक थेरेपी िारी रह सकती है । प्रयोगात्मक उपिार का परीिण ककया गया है और कुछ पशुओं में वह कारगर सात्रबत हुआ है लेककन मनुष्यों में अभी तक उसका मूल्यांकन नहीं ककया गया है । रोकथाम िब इस रोग के मामले प्रकट होते हैं , तो हे ल्थकेयर सेटटंग्स के भीतर संिरण का िोझखम बढ़ िाता है । इसमलए हे ल्थकेयर कममलयों को इबोला के केस को पहिानने में समथल होना िाटहये और संक्रमण तनयंिण के समुचित उपायों का उपयोग करने के मलए तैयार रहना िाटहये। इन तकनीकों का उद्देश्य संक्रममत रोगी के रक्त या उसके शरीर के तरल पदाथों के संपकल में आने से बिना है । उपयुक्त कायलववचधयों में शाममल हैं: o o इबोला के रोचगयों का असंरक्षित व्यजक्तयों के साथ समपकल से पथ ृ क्करण इबोला के रोचगयों की दे खभाल करने वाले व्यजक्तयों के द्वारा सरु िात्मक कपडे (जिनमें मास्क, दस्ताने, अभेद्य गाउन, और काले िश्मे या िेस शील््स शाममल हैं) पहनना o संक्रमण-तनयंिण समबन्धी अन्य उपायों का उपयोग (िैसे कक पूणल उपकरण रोगाणुनाशन और कीटाणुनाशक का तनयममत प्रयोग) o जिन रोचगयों की इबोला रोग से मत्ृ यु हुई हो उनके शरीरों को छूने से बिना हे ल्थकेयर कममलयों में रोग-तनदान समबन्धी परीिणों के मलए अनरु ोध करने या मशवपंग व अन्यि परीिण कराने के मलए नमन ू े तैयार करने की साम्यल भी होनी िाटहये। CDC ने, ववश्व स्वास््य संगिन के साथ संयोिन में , इबोला के प्रसार को रोकने और उसे तनयंत्रित करने में मदद करने के मलए कुछ मागलतनदे श तैयार ककये हैं। अफ्रीकी हे ल्थकेयर सेटटंग में वायरल रक्तस्रावी बुखारों के मलए संक्रमण तनयंिण शीिलक वाली तनदे मशका में बताया गया है : o o वायरल रक्तस्रावी बख ु ार वाले मामलों की पहिान कैसे करें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामचग्रयों और न्यूनतम ववत्तीय संसाधनों का उपयोग करके हे ल्थकेयर सेटटंग में इसके आगे संिरण को कैसे रोकें
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